रुद्रप्रयाग/गोपेश्वर/उत्तरकाशी। पहाड़ में बुधवार को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। चारों धामों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। केदारनाथ में बुधवार को दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक तेज बर्फबारी हुई। तीन घंटे तक हुई बर्फबारी से धाम में चार इंच नई बर्फ जम चुकी हैं। चमोली जिले में बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब समेत ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम भी बर्फ से ढक गए हैं।
केदारनाथ में सुबह से घने बादल छाए हुए थे, लेकिन दोपहर दो बजे से तेज बर्फबारी शुरू हो गई। शाम पांच बजे तक यह सिलसिला जारी रहा। खराब मौसम के चलते यहां पुनर्निर्माण कार्यों पर व्यापक असर पड़ा है। धाम में तैनात देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि गत मंगलवार को भी साढ़े पांच घंटे बर्फबारी हुई है। इस दौरान यहां छह इंच बर्फ जम गई थी। रातभर मौसम ठीक रहा, लेकिन बुधवार दोपहर बाद तीन घंटे तक हुई बर्फबारी से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। यहां अधिकतम आठ और न्यूनतम तापमान माइनस सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
चमोली जिले में बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, फूलों की घाटी, औली, गौरसों बुग्याल, नंदा घुंघटी, मलारी और तिब्बत (चीन) सीमा क्षेत्र में बुधवार को दिनभर रुक-रुककर बर्फबारी होती रही। औली में पिछले तीन दिनों से हो रही बर्फबारी से पर्यटकों और पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे हैं। औली में बर्फ का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटक उमड़ने लगे हैं। औली पहुंचे लखनऊ के पर्यटक उमंग, शनि और ऋचा शर्मा का कहना है कि उन्होंने पहली बार इतनी करीब से बर्फबारी का नजारा देखा है। पर्यटन कारोबारी महेंद्र भुजवाण, संजय और अभिषेक का कहना है कि इस बार दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में ही औली में हो रही बर्फबारी अच्छा संकेत है। इससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है। थर्टी फर्स्ट और क्रिसमस के मौके पर औली में पर्यटकों की अच्छी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाके बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। बारिश बर्फबारी से तापमान में जबर्दस्त गिरावट के साथ सर्द हवाओं से हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है।
यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले इलाके बीते तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी के चलते बर्फ की आगोश में समा गए हैं। बुधवार को हर्षिल, सुक्की, खरसाली, चौरंगी, राड़ी टॉप आदि समुद्र सतह से ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की फुहारें पड़ीं। हालांकि दोपहर में बादलों के बीच धूप खिलने के कारण यहां बर्फ ज्यादा देर टिकी नहीं। जिला मुख्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में ही अधिकतम तापमान 11 और न्यूनतम 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बर्फबारी वाले इलाकों में पारा शून्य से नीचे रहा।
धनोल्टी में मौसम की पहली बर्फबारी
नई टिहरी/नैनबाग। बुधवार तड़के मौसम के एकाएक करवट बदलने से टिहरी जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। पर्यटक स्थल धनोल्टी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह 10 बजे के लगभग मौसम की पहली बर्फबारी हुई है, लेकिन बर्फ ज्यादा देर टिक नहीं पाई। अपराह्न ढाई बजे के लगभग धनोल्टी, चंबा और नई टिहरी क्षेत्र में बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। ब्यूरो
बर्फ से ढके पर्यटक स्थल
कर्णप्रयाग/देवाल। मंगलवार रात को हल्की बारिश से कर्णप्रयाग, सिमली, गौचर आदि घाटी वाले स्थान शीतलहर की चपेट में है। मुख्य पर्यटन स्थल रूपकुंड, वेदनी, आली, बगली, ब्रहमताल बर्फ से ढक गए है। वाण के हीरा बुग्याली ने बताया कि क्षेत्र के सभी पर्यटक स्थलों और बुग्यालों में हो रही बर्फबारी से हिमालयी क्षेत्र के वाण, घेस, हिमनी, पिनाऊं, बलाड़ सहित कई गांव शीत लहर की चपेट में है।