रुद्रप्रयाग। राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग का कैंपस जवाड़ी में ही बनेगा। ग्रामीणों ने 35 नाली भूमि का प्रस्ताव विधायक भरत सिंह चौधरी को सौंपा है। अन्य औपचारिकताओं के साथ कैंपस निर्माण की कार्रवाई जल्द शुरू की जाएगी।
वर्ष 2006 में स्थापित डिग्री कालेज का संचालन जीजीआईसी के पुराने भवन पर हो रहा है। वर्तमान में यहां बीए, बीसीए और बीबीए में 230 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन दिनों यहां विधायक निधि से जर्जर कमरों का सुधारीकरण किया जा रहा है, लेकिन कॉलेज संचालन के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण पठन-पाठन व्यापक रूप से प्रभावित हो रहा है। कॉलेज स्थापना के बाद से जवाड़ी गांव में कैंपस निर्माण के लिए भूमि चयनित की गई थी। बीते वर्ष दिसंबर माह में शासन स्तर पर भूमि का भू-गर्भीय सर्वेक्षण कराया गया। वहीं, कैंपस निर्माण जिम्मेदारी एनपीसीसी (नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कंपनी) को सौंपी गई, लेकिन संस्था द्वारा बिना भूगर्भीय रिपोर्ट आए ही रेतीली भूमि पर कार्य शुरू कर दिया गया। विधायक चौधरी ने कार्यस्थल का निरीक्षण कर रेत के टीले में किसी भी प्रकार के निर्माण को असुरक्षित बताया। बाद में कार्य को रोक दिया गया था। बीते जुलाई माह में उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विधायक व डीएम के साथ जवाड़ी में मानकों की अनदेखी कर एनपीसीसी द्वारा किए गए निर्माण कार्य पर नाराजगी जताई थी। तब, उन्होंने प्रशासन व विधायक को अन्यत्र स्थान पर (जवाड़ी क्षेत्र में ही) भूमि चयन को कहा था। अब, ग्रामीणों ने कॉलेज कैंपस के लिए जवाड़ी में अन्यत्र जगह पर 35 नाली भूमि का चयन कर प्रस्ताव विधायक को सौंप दिया है। इधर, रुद्रप्रयाग के विधायक भरत सिंह चौधरी ने बताया कि डिग्री कॉलेज रुद्रप्रयाग का कैंपस जवाड़ी में ही बनेगा। ग्रामीणों ने भूमि का प्रस्ताव भी दे दिया है। जल्द ही जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। बताया कि एनपीसीसी के खिलाफ कार्रवाई और खर्च की गई धनराशि की वसूली के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है।