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ठेकेदार पर प्रशासन की चेतावनी का नहीं दिख रहा असर

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग में पार्किंग व हेलीपैड निर्माण का कार्य कर रहे ठेकेदार को प्रशासन ने धीमी गति से हो रहे कार्यों को लेकर दो बार चेतावनी दे दी है। उसे पुलिस थाने में घंटों बिठाने के बाद भी कार्यों में तेजी नहीं आ पा रही है। इधर, प्रशासन यात्रा से पूर्व कार्य पूरे होने की उम्मीद जता रहा है।
29 अप्रैल से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों के लिए कमर कस दी गई है, लेकिन यात्रा के मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। यहां पार्किंग व हेलीपैड का निर्माण कछुआ गति से हो रहा है, जो अगले साल तक भी पूरा होता नहीं दिख रहा है। कस्बे की सुरक्षा को लेकर मंदाकिनी नदी किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण भी नहीं हो पाया है।
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सोन गंगा व मंदाकिनी नदी किनारे बसा सोनप्रयाग कस्बा केदारनाथ यात्रा का मुख्य पड़ाव है। यहां 70 करोड़ की लागत से पार्किंग व हेलीपैड का निर्माण हो रहा है। बीते छह माह में कार्यों की प्रगति 10 फीसदी से आगे नहीं बढ़ पाई है। इन हालात में 29 अप्रैल तक कार्यो का पूरा होना नहीं दिख रहा है। व्यापार संघ अध्यक्ष जगमोहन प्रसाद भट्ट, आशीष गैरोला, विजय शंकर, दिलवर सिंह चौहान, मीनाक्षी प्रसाद घिल्डियाल, राजेश भट्ट, मुकेश गोस्वामी, कैप्टन शिव प्रसाद बर्त्वाल आदि का कहना है कि शासन, प्रशासन द्वारा सोनप्रयाग को केदारनाथ यात्रा का मुख्य संचालन केंद्र तो बना दिया गया है, लेकिन संसाधन व सुरक्षा के इंतजामों को दरकिनार कर दिया गया है। पार्किंग, बिजली, पानी, संचार, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं भी दम तोड़ रही हैं। प्रभावित व्यापारियों को भी दुकानें आवंटित नहीं हो पाई हैं। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि पार्किंग व हेलीपैड का निर्माण की सुस्त गति पर ठेकेदार को दो बार की चेतावनी दी जा चुकी है। उसके द्वारा यात्रा से पूर्व कार्य पूरा करने की बात कही गई है। ऐसा नहीं होने पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। कस्बे में अन्य जरूरी संसाधनों व सुविधाओं के लिए संबंधित विभागों को तत्काल कार्ययोजना बनाकर कार्य करने को कहा गया है।
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