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हिम्मत है तो डीडीएमए के ईई एक माह केदारनाथ रहकर कार्य कराएं: कमिश्नर

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रुद्रप्रयाग। गढ़वाल मंडल आयुक्त दिलीप जावलकर ने केदारनाथ में किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यों में डीडीएमए (लोनिवि) की शून्य प्रगति पर अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने और दो अवर अभियंताओं के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यदायी संस्था द्वारा डीपीआर तैयार नहीं करने पर कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए अधिशासी अभियंता से कहा कि उनमें हिम्मत है तो केदारनाथ में एक माह रहकर वहां पुनर्निर्माण कार्य कराकर दिखाएं।
रुद्रप्रयाग में बुधवार को समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने कहा कि केदारनाथ पुनर्निर्माण को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने डीडीएमए (जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) का कार्य देख रहे अधिशासी अभियंता के रिलीव होने पर भी तब तक रोक लगा दी है, जब तक उनका प्रतिस्थानी नहीं पहुंचता। केदारनाथ से गरुड़चट्टी और केदारनाथ में एप्रोच मार्ग तक 50 फीट चौड़ीकरण कार्य का टेंडर जारी नहीं होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने डीएम को निर्देश दिए कि केदारनाथ पुनर्निर्माण के अंतर्गत जो विभाग कार्य कर रहे हैं, उनकी फोटो सहित भौतिक प्रगति के साथ-साथ वित्तीय प्रगति की रिपोर्ट प्रतिदिन ली जाए, साथ ही सिंचाई विभाग को पुनर्निर्माण के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने सहित कार्यालय अगस्त्यमुनि से सोनप्रयाग शिफ्ट कराने के निर्देश दिए।
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मंडल आयुक्त ने सीएमओ को रोस्टर के आधार पर केदारनाथ में फार्मेसिस्ट की तैनाती को भी कहा। जिलाधिकारी ने कमिश्नर को गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर ऊर्जा निगम द्वारा अंडर विद्युत लाइन का निर्माण करने और उरेडा द्वारा निर्मित 100 व 200 किलोवाट के सोलर प्लांट का कार्य पूरा होने की जानकारी दी। कमिश्नर से पुनाड़ गदेरे में बन रही पार्किंग का निरीक्षण भी किया। इस दौरान एसपी पीएन मीना, सीडीओ डीआर जोशी, प्रभारी अधिकारी देवानंद, एसडीएम सदर मुक्ता मिश्र, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता मुकेश सहित अन्य विभागीय अधिकारी/कर्मचारी थे।

नहीं हुआ जियोलॉजिकल सर्वे
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा को सुलभ और सरल बनाने की उम्मीदों पर कार्यदायी संस्थाएं पलीता लगा रही हैं। रामबाड़ा से केदारनाथ तक नए वैकल्पिक मार्ग के निर्माण को लेकर डीडीएमए द्वारा ढाई माह बीत जाने के बाद भी जियोलॉजिकल सर्वे तक नहीं कराया गया है। इस मार्ग से यात्रा में घोड़ा-खच्चरों का संचालन किया जाना है। ब्यूरो
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नहीं दे पाए जानकारी
डीडीएमए के अधिशासी अभियंता केदारनाथ में हो रहे कार्यों की शासनादेश की तिथि से अब तक भी प्रगति के बारे में कमिश्नर को जानकारी नहीं दे पाए। यहां तक कि वे 15 दिसंबर (कार्यभार ग्रहण) की तिथि से लेकर 30 दिसंबर तक हुए कार्यों के बारे में भी नहीं बता पाए। कमिश्नर द्वारा कार्य नहीं होने की स्थिति में विभागीय नियम के बारे में पूछा गया तो भी कोई जवाब नहीं दे पाए।
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