रुद्रप्रयाग। जरूरी प्रकरणों का समय से निस्तारण नहीं करने पर जिलाधिकारी ने रुद्रप्रयाग तहसील में पूर्व में तैनात राजस्व अभिलेखाकार के अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। राजस्व अभिलेखाकार वर्तमान में ऊखीमठ तहसील में तैनात है। इस दौरान बैठक में अनुपस्थित रहने पर स्टांप उपनिबंध को भी जवाब तलब किया।
जिला सभागार में आयोजित स्टाफ की मासिक बैठक में राजस्व कर्मियों के पेंशन, जीपीएफ, एपीएफ संबंधी समस्याओं पर चर्चा की गई। इस दौरान राजस्व विभाग के एक कर्मचारी की मृत्यु के एक वर्ष बाद भी जीपीएफ की पत्रावली निस्तारित नहीं होने पर जिलाधिकारी ने राजस्व अभिलेखाकार के वेतन पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है। इसके डीएम ने वादों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी तहसीलों में उप जिलाधिकारियों को कोर्ट के दिन अन्य कार्य नहीं करने को कहा। उन्होंने वसूली प्रगति पर ऊखीमठ तहसील के अमीन मुकेश चौहान की सराहना करते हुए प्रशस्ति पत्र देने की बात कही। इसके अलावा डीएम ने अवैध अतिक्रमण वाले वादों के निस्तारण के लिए प्रतिवादी को दो बार कोर्ट में उपस्थित होने का मौका देने और उपस्थित नहीं होने पर एक माह में अतिक्रमण को ध्वस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए उप जिलाधिकारी, तहसीलदार को परिवहन विभाग के साथ वाहनों की नियमित चेकिंग करने को कहा है। बैठक में दैवीय आपदा के मामलों में पटवारी को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने व तहसीलदार को प्रभावित परिवार को त्वरित मुआवजा देने को भी कहा। बैठक में एडीएम गिरीश गुणवंत, उपजिलाधिकारी सदर देवानंद, जखोली देवमूर्ति यादव, ऊखीमठ गोपाल सिंह, पुलिस उपाधीक्षक श्रीधर बडोला, सहित राजस्व अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।