रुद्रप्रयाग। सौराखाल की पेयजल योजना से उपजी समस्या का निस्तारण नहीं करने पर डीएम मंगेश घिल्डियाल ने संबंधित एई और जेई के वेतन पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के प्रति अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को पुराने विकास भवन में आयोदित जनता दरबार में डीएम ने सौराखाल की पेयजल योजना को लेकर नाराजगी जताई। समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने संबंधित एई और जेई के वेतन रोकने के निर्देश दे दिए। इस दौरान जनता दरबार में दर्ज 53 शिकायतों में 37 निस्तारित की गई। वहीं डीएम ने जल संरक्षण को लेकर खंड विकास अधिकारियों को एक सप्ताह में सूची प्रस्तुत करने को कहा है। जनता दरबार में सेमलता गांव के करण सिंह ने सेमलता-सौंराखाल मोटर मार्ग का सर्वे व पिलर मानकों के तहत नहीं लगाए जाने की शिकायत की। बांसी गांव के दिग्पाल सिंह ने बीते दिनों हुई बरसात से आवासीय मकान का पुस्ता ढहने की शिकायत की। जबकि कंडाली गांव के ग्रामीणों ने गंगतल में फलाटी झूलापुल से गांव तक एप्रोच मार्ग बनाने की मांग की। इस मौके पर डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि विभाग जनसमस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारित करें। उन्होंने सभी निर्माणदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे के लिए सुरक्षित डंपिंग जोन बनाकर उचित निस्तारण करने को भी कहा। साथ ही जखोली, ऊखीमठ और अगस्त्यमुनि के बीडीओ को गांवों में जदल संरक्षण के तहत किए जा रहे कार्यों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कहा कि ऐसा नहीं होने पर पेयजल संकटग्रस्त गांवों में जल संरक्षण के लिए एक लाख रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं दी जाएगी। मौके पर सीडीओ डीआर जोशी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।