रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने वन विभाग के प्रभागीय कार्यालय का औचक निरीक्षण किया और अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने मास्टर कंट्रोल रूम में वनाग्नि की घटनाओं का लेखाजोखा नहीं होने और दैनिक वेतन कर्मियों की तैनाती को गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने मास्टर कंट्रोल रूम को अन्य कक्ष में शिफ्ट करने के साथ ही तत्काल व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए और ऐसा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
डीएम ने मास्टर कंट्रोल रूम का जायजा लिया तो पाया चला कि रात में माली व चौकीदार तैनात रहते हैं, जिन्हें यह तक पता नहीं कि वनाग्नि की सूचना कैसे अर्जित करनी है और कैसे पुलिस व प्रशासन को घटना के बारे में अवगत कराना है। यहीं नहीं, कंट्रोल रूम में स्थापित दूरभाष नंबर भी मुख्य कार्यालय का पाया गया। डीएम ने उप वन संरक्षक को फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाओं की सूचनाएं प्राप्त करने एवं उनका संज्ञान लेने के लिए मास्टर कंट्रोल रूम में नियमित व सक्षम अधिकारी/कर्मचारियों की तैनाती करने को कहा। साथ ही नोडल अधिकारी नियुक्त के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने फायर सीजन में पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने और वनाग्नि की सूचना का से आदान-प्रदान करने, वनाग्नि की सूचना प्राप्त होने पर प्रभागीय कार्यालय से भेजी गई टीम सदस्यों के नाम व संख्या का उल्लेख पंजिका में दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में इस बार अभी तक वनाग्नि से हुए नुकसान का घटनावार ब्योरा और क्रू-स्टेशनों से प्रत्येक घंटे में सभी रेंजों से वनाग्नि की स्थिति का अपडेट लेने को भी कहा।