अगस्त्त्यमुनि ब्लाक के ग्राम पंचायत कांडा के नौला और सिमतोली तोक के 16 परिवारों को पांच वर्षों से इंदिरा आवास योजना में भवन मिलने का इंतजार है। अधिकारियों की ओर से सुध नहीं लेने पर ये परिवार पुश्तैनी जर्जर घरों में जीवन यापन कर रहे हैं।
गरीब परिवारों को आवास मुहैया कराने के उद्देश्य से यूपीए सरकार की इंदिरा आवास योजना नौला और सिमतोली गांव के 16 परिवारों के लिए फलीभूत नहीं हो पाई। पांच वर्षों से आवेदन कर रहे इन बीपीएल परिवारों को घर मुहैया नहीं हो सका। अब योजना ही बंद हो गई है। ऐसे में ये गरीब अपने जर्जर पुश्तैनी घरों में ही गुजर-बसर को मजबूर हैं। ग्रामीण मीना देवी, देवेश्वरी देवी, महेशचंद्र, मायाराम, प्रेमपति, तुलसीराम, कन्हैया प्रसाद, विनोद प्रसाद, शांता देवी, राजेश्वरी देवी का कहना है कि उनकी माली हालत ऐसी है कि वे पुश्तैनी मकान की मरम्मत तक नहीं कर सकते। छतों की पठालें खिसकने से बारिश के पानी से लकड़ी भी सड़ गई है। दीवारों पर भी दरारें पड़ी हैं। इन मकानों की मरम्मत नहीं की गई तो यहां कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
इंदिरा आवास के लिए कई बार आवेदन के बाद भी कई जरूरतमंदों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में जर्जर पुश्तैनी मकानों में रह रहे ग्रामीणों के लिए इन दिनों निरंतर खतरा बना हुआ है।- संदीप थपलियाल, ग्राम प्रधान कांडा, रुद्रप्रयाग
इंदिरा आवास योजना में सामान्य वर्ग में 17 क्रमांक वालों को ही लाभ मिल पाया था। अब इस योजना के स्थान पर केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है। इस योजना में 2011 के सर्वे के हिसाब से जिले से 106 परिवारों को शामिल किया गया था, जिसमें 32 लाभ लेने से रह गए हैं। - एमएस नेगी, परियोजना अर्थशास्त्री, डीआरडीए, रुद्रप्रयाग