रुद्रप्रयाग। डीएम मंगेश घिल्ड़ियाल की पहल पर एक बार फिर जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में ई-रिक्शा का ट्रायल किया गया। तीन सदस्यीय टीम की रिपोर्ट और परिवहन आयुक्त की संस्तुति पर ही नियमित संचालन को लेकर निर्णय लिया जाना है।
बुधवार को बेलणी-कोटेश्वर मोटर मार्ग से लोक निर्माण विभाग कार्यालय, विकास भवन और कलक्ट्रेट तक ई-रिक्शा का ट्रायल किया गया। कुछ स्थानों को छोड़कर ट्रायल सफल रहा। इस ई-रिक्शा में जीरो मेंटिनेंस वाली लिथियम बैटरी लगी है। साथ ही मजबूत स्टील बॉडी है। बैटरी को दो घंटे चार्ज करने पर यह कम से कम 20 किमी चल सकता है। ट्रायल के दौरान लोनिवि के ईई, एआरटीओ और परिवहन विभाग के आरआई मौजूद थे। ई-रिक्शा की तकनीक, पहाड़ में चलने की क्षमता आदि को देखा गया। रिपोर्ट को परिवहन आयुक्त कार्यालय देहरादून को भेजा जाएगा। वहां से संस्तुति मिलने के बाद ही रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र में ई-रिक्शा नियमित रूप से दौड़ सकेगा। वर्ष 2017 में भी नगर क्षेत्र में ई-रिक्शा का ट्रायल किया गया था, लेकिन तब, इसे पहाड़ के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया था। अब, एक बार फिर रुद्रप्रयाग सहित पहाड़ में ई-रिक्शा के संचालन की उम्मीद जगी है। ऐसे में स्थानीय लोगों को काफी लाभ होगा। इधर, ट्रायल के दौरान एआरटीओ मोहित कोठारी, सीओ गणेश लाल कोहली, ईई इंद्रजीत बोस आदि मौजूद थे। एआरटीओ कोठारी ने बताया कि ई-रिक्शा का ट्रायल 90 फीसदी सफल रहा है।