रुद्रप्रयाग। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान व उत्तराखंड पर्वतीय आजीविका संवर्धन कंपनी की ओर से महिलाओं को स्वरोजगार संबंधी जानकारी दी गई। अगस्त्यमुनि ब्लाक के ग्राम पंचायत बाड़ा, बामसू, चैंथला, डुंग्रा में आजीविका संघों के दस दिवसीय डेयरी फार्मेंग व बर्मी कंपोस्ट प्रशिक्षण में 47 महिलाओं ने प्रतिभाग किया।
पंचायत भवन बाड़ा में हुए प्रशिक्षण जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एसएस तोमर ने महिलाओं को बैकिंग, बीमा समेत वित्तीय साक्षरता के बारे में बताया गया। आरसेठी निदेशक डीसीएस नेगी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय की बड़ी मांग है। जो कि पहाड़ में स्थानीय स्वरोजगार का एक बड़ा अवसर है। जैविक जनपद होने के नाते रुद्रप्रयाग में जैविक खेती को बढ़ावा दिए जाने के लिए बर्मी कंपोस्ट खाद्य की उपलब्धता भी जारी है। पशुपालन विभाग के डा. देवेंद्र राणा ने महिलाओं को पशुचारा, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, दुग्ध व्यवसाय के बारे में बताया। आरसेटी के प्रशिक्षक वीरेंद्र बर्त्वाल, भूपेंद्र रावत ने महिलाओं को स्थानीय स्वरोजगार के अवसरों सहित उद्यमिता विकास, समय प्रबंधन आदि की जानकारी दी। जबकि उपासक के जिला समन्वयक एनके थपलियाल ने कहा कि उपासक द्वारा महिला समूहों को प्रशिक्षण माध्यम से व्यवसायिक जानकारियां देकर उनकी आजीविका को बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे, जिससे महिलाओं में आत्मविश्वास एवं तकनीकी वृद्धि होगी। प्रशिक्षण में सहायक कृषि अधिकारी राजेंद्र सिंह, हिमोउत्थान रघुवीर नेगी, सहकारिता समनवय अर्जुन रावत, यशवीर बजवाल, कान्ता देवी, दुर्गा देवी, पुष्पा देवी, शकुंतला देवी, पृथा देवी, राजेश्वरी देवी लक्ष्मी देवी, सजनी देवी, रेखा, देवी, गुड्डी देवी समेत अन्य प्रशिक्षणार्थी महिलाएं मौजूद थी।