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केदारनाथ में

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में आठ फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है। यहां बीते सोमवार शाम से लगातार बर्फबारी जारी है। केदारपुरी सहित पैदल मार्ग भी बर्फ से लकदक हो चुका है। कड़ाके की ठंड के तीन दिनों से तापमान माइनस में चल रहा है। द्वितीय केदार मदमहेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ में भी छह फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है।
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11500 फीट की ऊंचाई पर स्थित भगवान आशुतोष के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम में जमकर बर्फबारी हो रही है। वर्ष 2014-15 के बाद यह पहला मौका है, जब इतनी तेज बर्फबारी हो रही है। मंदिर परिसर सहित यहां आवासीय भवनों के आगे बर्फ का ढेर लग चुका है। साथ ही मंदिर से हैलीपेड तक पैदल मार्ग व बैली ब्रिज भी बर्फ से लकदक हो चुके हैं। बर्फबारी के कारण यहां घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे 10 मीटर से आगे साफ नहीं दिख रहा है। बीते सोमवार से हो रही बर्फबारी के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग से संचालित हो रही विद्युत व्यवस्था और संचार सेवा को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे धाम में दोनों सेवाएं ठप पड़ी हैं। बीते सोमवार से जहां केदारनाथ में बिजली नहीं है। मंगलवार दोपहर बाद से वहां मौजूद लोगों से मोबाइल पर संपर्क भी नहीं हो रहा है। कार्यदायी संस्थाओं के पदाधिकारी और मजदूर बर्फ को पिघलाकर उसके पानी का उपयोग कर रहे हैं।
सोनप्रयाग में मौजूद वुड स्टोन के प्रभारी मनोज सेमवाल ने बताया कि केदारनाथ में बिजली और संचार सेवा ठप पड़ी है। धाम में करीब आठ फीट तक बर्फ जम चुकी है। पैदल मार्ग भी जंगलचट्टी के बाद से आवाजाही लायक नहीं रह गया है। पिछले चार वर्षों में यह पहला मौका है, जब जनवरी के माह में इस तरह बर्फ गिर रही है। इधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम, तृतीय केदार तुंगनाथ, चंद्रशिला, कालीशिला, हरियाली देवी मंदिर हरियाला डांडा भी कई फीट बर्फ से ढक चुके हैं।
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