रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड में मंदाकिनी नदी के दूसरी तरफ हो रहे भारी भूस्खलन से ग्रामीणों की सैकड़ों नाली कृषि भूमि नदी में समा गई है। यहां निरंतर खतरा बढ़ रहा है, जिससे लोगों में भय बना हुआ है।
केदारघाटी में तेज बारिश से गौरीकुंड में भूस्खलन जोन सक्रिय हो गए हैं। कस्बे में मंदाकिनी नदी के दूसरी तरफ एक हफ्ते से भूस्खलन हो रहा है। बीते दो दिनों से यहां तेजी से मिट्टी ढह रही है, जिससे नदी का पूरा पानी मटमैला हो गया है। ग्राम प्रधान राकेश गोस्वामी ने बताया कि भूस्खलन से ग्रामीणों की दो सौ नाली से अधिक कृषि भूमि नष्ट हो चुकी है। जल्द प्रभावित क्षेत्र का ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो स्थिति और भयावह हो सकती है। जिस गति से भूस्खलन हो रहा है, उससे कस्बे को खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पूर्व पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर व डीएम मंगेश घिल्डियाल को भी स्थिति से अवगत कराया जा चुका है।