ऊखीमठ। भगवान मद्महेश्वर के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने और भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ आगमन पर ऊखीमठ में 24 से 26 नवंबर तक तीन दिवसीय मेला आयोजित किया जाएगा। मेला तैयारियों को लेकर समिति और उप समितियों का गठन कर जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीन दिवसीय मद्महेश्वर मेला आयोजन पर चर्चा की गई। 24 से 26 नवंबर तक आयोजित मेले में खेल, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। मेला में महिला व युवक मंगल दलों के साथ स्थानीय लोक कलाकारों की ओर से जीतू बगड्वाल और पांडव लीला का आयोजन विशेष रहेगा। स्थानीय खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा गढ़वाल के लोक गायक/गायिकाओं की ओर से भी अपनी टीमों के साथ सांस्कृतिक संध्या के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। मेला के सफल आयोजन के लिए उप समितियों का गठन करते हुए मंच संचालन, बैठक व अन्य व्यवस्था, सुरक्षा एवं अनुशासन, खेल, पुरस्कार वितरण, प्रचार-प्रसार, स्टॉल निरीक्षण व निर्णायक और स्वागत की जिम्मेदारियां सौंपी गई। मेला कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के लिए 10 नवंबर को समिति की पुन: बैठक होगी। इस मौके पर प्रकाश रावत, विजेंद्र नेगी, मोहन सिंह रावत, खुशाल नेगी, एलपी भट्ट, जीएस पुष्पवाण, पीएस पुष्पवाण, दिनेश तिवारी, प्रबल सिंह राणा, एनपी जमलोकी, जगदीश लाल, संगीता नेगी सहित अन्य मौजूद थे।
25 को विराजमान होगी डोली
ऊखीमठ। भगवान मद्महेश्वर भगवान की डोली 25 नवंबर को शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होगी। इससे पूर्व विधि-विधान के साथ मद्महेश्वर धाम के कपाट 22 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे। इसी दिन डोली रात्रि प्रवास के लिए गौंडार गांव पहुंचेगी। 23 नवंबर को डोली गौंडार से प्रस्थान कर रांसी, 24 को रांसी से प्रस्थान कर रात्रि प्रवास के लिए गिरिया गांव पहुंचेगी।