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बैंकिंग सुविधा से वंचित 15 गांव

Mon, 29 Aug 2016 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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BANK - फोटो : demo pic
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कालीमठ घाटी के 15 गांव आज भी बैंकिंग सुविधा से वंचित है। ग्रामीण अपने बैंक संबंधी कार्यों के लिए गुप्तकाशी की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। बुजुर्ग पेंशनरों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ रही है। कालीमठ घाटी के कालीमठ, कोटमा, सोलनू, मंजेरा, खोनू, स्यांसू, जाल मल्ला, जाल तल्ला, चिलौंड, चौमासी, कबिल्ठा, कुणजेठी, ब्यूंखी आदि गांवों के लिए बैंक सुविधा आज भी सपना बनी हुई है।
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इन गांवों में करीब साढ़े तीन हजार बैंक उपभोक्ता हैं, जिन्हें अपने कार्य के लिए 10 से 18 किमी का एक तरफा रास्ता तय कर गुप्तकाशी जाना पड़ता है। ऐसे में ग्रामीणों को मानसिक और शारीरिक थकान के साथ ही आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।

ग्रामीण श्रीधरानंद भट्ट, जनाननंद भट्ट, गबरू लाल, चंद्रमा देवी, जीतारू लाल, जमन सिंह रावत आदि का कहना है कि दो दशक पूर्व कोटमा में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने की मांग की गई थी। जनप्रतिनिधियों द्वारा बीडीसी, तहसील दिवस और मंत्रियों के जनता दरबार में कई बार बैंक सुविधा का मुद्दा उठाया गया, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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बुजुर्ग पेंशनर को रही दिक्कत
कालीमठ घाटी के 15 गांवों में 40 से अधिक बुजुर्ग पेंशनर हैं, जिनमें कुछ चलने में असमर्थ है। ऐसे में परिजनों द्वारा पेंशन और वर्षभर में भौतिक सत्यापन के लिए उन्हें गुप्तकाशी लाना होता है। स्थानीय निवासी ओम प्रकाश भट्ट का कहना है कि बैंक दूर होने से घरों में अकेले रहे रहे बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है।
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कोटमा में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने के लिए सर्वे की रिपोर्ट देहरादून भेज दी गई है। उम्मीद है कि जल्द इस संबंध में उचित कार्रवाई होगी।
--एसएल बर्मा, लीड बैंक मैनेजर, रुद्रप्रयाग
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