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केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यो की राह में

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रुद्रप्रयाग।
तीन दिन की बर्फबारी के बाद मौसम साफ होने से केदारनाथ सहित जनपद के अन्य क्षेत्रों में लोगों ने राहत की सांस ली है। दुश्वारियां अब भी मुंह बाएं खड़ी हैं। केदारनाथ धाम में आठ फीट से अधिक बर्फ जमा है। पुनर्निर्माण कार्य ठप हैं, ऐसे में अप्रैल-मई में शुरू होने वाली यात्रा से पहले आदिगुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल के पुनर्निर्माण सहित अन्य कार्यों को पूरा करना शासन, प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के लिए चुनौती से कम नहीं है।
आपदा के बाद से बीते पांच वर्षों से पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहे केदारनाथ धाम में कई महत्वपूर्ण कार्य हो चुके हैं, जबकि कुछ प्रगति पर हैं, जिन्हें आगामी यात्रा से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बीते तीन दिनों में हुई भारी बर्फबारी ने यहां कार्यों को ठप कर दिया है। तीन किमी के दायरे में फैली केदारपुरी में रुद्रा प्वाइंट से मंदिर, गरुड़चट्टी और भैरवनाथ मंदिर तक आठ फीट से अधिक बर्फ मौजूद है। बृहस्पतिवार को तेज धूप से यहां राहत जरूर मिली है, लेकिन बर्फ के ढेर में कार्य शुरू नहीं हो पाया। अब, अगर, मौसम साफ रहता भी है, तो रात को अत्यधिक पाला गिरने से बर्फ कठोर हो जाएगी, जिसे साफ करने में दिक्कतें और बढ़ जाएगी। ऐसे में शंकराचार्य का समाधिस्थल निर्माण, मॉस्टर प्लान से बनाए जा रहे तीर्थ पुरोहितों के आवासीय भवन, गरुड़चट्टी को जोड़ने के लिए मंदाकिनी नदी पर पुल, सरस्वती नदी किनारे आस्था पथ आदि कार्यों पर असर पड़ना स्वाभाविक है। धाम में मौजूद कार्यदायी संस्था वुड स्टोन कंपनी के केदारनाथ प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि मौसम में सुधार होने पर प्राथमिकता से मशीनों से कार्यस्थलों की बर्फ हटाई जा रही है। शुक्रवार से शंकराचार्य समाधि स्थल निर्माण के लिए पुन: खुदाई शुरू कर दी जाएगी। साथ ही केदारनाथ-गौरीकुंड पैदल मार्ग पर बर्फ की सफाई कर निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए आवाजाही बहाल की जाएगी।
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तीन दिन से बिजली और संचार सेवा ठप
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ में तीन दिन से बिजली और संचार सेवा ठप पड़ी है। पैदल मार्ग पर भारी बर्फबारी के कारण बिजली के पोल और तारों के साथ ही भारत संचार निगम की लाइन को भी क्षति पहुंची हैं। इस समस्या के चलते केदारनाथ में रह रहे 50 से अधिक मजदूर और अन्य पदाधिकारियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही उनका परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इधर, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता मनोज सती ने बताया कि केदारनाथ धाम में बिजली सप्लाई के प्राथमिकता से प्रयास किए जा रहे हैं। सोनप्रयाग से बिजली लाइन क्षतिग्रस्त है। रविवार तक गौरीकुंड तक सप्लाई बहाल करने के प्रयास हैं। पैदल मार्ग पर बर्फ अधिक होने के कारण धाम तक सप्लाई बहाल करने में कुछ दिन और लग सकते हैं।
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