अगस्त्यमुनि। नगालैंड के मोन जिले में नगा विद्रोहियों के हमले में शहीद हुए हवलदार फतेह सिंह नेगी की चंद्रापुरी में मंदाकिनी नदी के तट पर सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए सेना के 71 जवानों सहित क्यूंजा घाटी और जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों से ढाई हजार से अधिक लोग शामिल हुए। शहीद को विदाई देते हुए हर किसी की आंख में आंसू थे।
मंगलवार को प्रात: 9 बजे शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव बाड़व मल्ला पहुंचा तो शहीद की पत्नी गीता देवी, बेटा रॉबिन सिंह, बेटी पूनम और सोनम, बड़े भाई सते सिंह व उनकी पत्नी तिरंगे में लिपटे शव से लिपटकर फफक-फफक कर रो पड़े। इसके बाद सेना की विशेष टुकड़ी ने शहीद को सलामी दी और पुष्प चक्र भेंट किया। सेना के जवान, परिजन, ग्रामीण व जनप्रतिनिधि पार्थिव शरीर के साथ चंद्रापुरी रवाना हुए। सभी ने जब तक सूरज नाम रहेगा फतेह तेरा नाम रहेगा के नारे लगाए। इस दौरान पूरी क्यूंजा घाटी शहीद के जयकारों से गूंज उठी। मंदाकिनी नदी के किनारे चंद्रापुरी घाट पहुंचने पर 199 फील्ड रेजीमेंट नरेंद्र नगर के कर्नल मुरली गोपाल सहित तीन अन्य सैन्य अधिकारियों ने शहीद को पुष्प चक्र भेंट किए। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने भी शहीद को पुष्पचक्र अर्पित किए। सेना के जवानों ने थ्री राउंड फायरिंग कर शहीद फतेह सिंह को अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद शहीद के बड़े भाई सते सिंह नेगी और पुत्र रॉबिन नेगी ने उन्हें मुखाग्नि दी। जिला जज हरीश कुमार गोयल, सीजीएम कुलदीप शर्मा, विधायक मनोज रावत, विधायक भरत सिंह चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण, एसडीएम गोपाल सिंह चौहान, थानाध्यक्ष सुबोध ममगाईं, तहसीलदार जयवीर राम बधाणी, क्षेत्र पंचायत सदस्य डा. योगंबर सिंह नेगी, पूर्व पालिकाध्यक्ष देवेंद्र सिंह झिंक्वाण, प्रधान शत्रुघन सिंह नेगी, व्यापार संघ अध्यक्ष हिम्मत सिंह गुसाईं, सुरेश जोशी, अधिवक्ता अरुण प्रकाश वाजपेयी, अर्जुन सिंह, बीएस भंडारी, विनोद खंडूड़ी, गजपाल सिंह रावत, प्रदीप जगवाण ने शहीद फतेह सिंह को श्रद्धांजलि दी।