गढ़वाल। केदारनाथ में शनिवार दोपहर बाद से तेज बर्फबारी होने से करीब डेढ़ फीट नई बर्फ जम गई है। वहीं बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और गंगोत्री-यमुनोत्री में हिमपात हुआ। गंगोत्री में आधा फीट बर्फबारी हुई है। ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश होने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम, द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ धाम, भैरवनाथ मंदिर क्षेत्र सहित वासुकीताल व दुग्ध गंगा के ऊपरी क्षेत्र में बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ धाम में शाम चार बजे के बाद अधिकतम तापमान 12 व न्यूनतम माइनस-3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। धाम में तैनात उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि बर्फबारी के साथ चल रही तेज हवा से ठंड बढ़ गई है। इधर, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, चोपता, दुगलबिट्टा, त्रियुगीनारायण, गौरीकुंड के ऊपरी क्षेत्र व हरियाली डांडा में हल्का से मध्यम हिमपात हो रहा है। वहीं निचले इलाकों में हल्की बारिश हुई।
जोशीमठ। चमोली जिले में भी शनिवार दोपहर बाद बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, नंदा घुंघटी, रुद्रनाथ, लाल माटी, नीति व माणा घाटी में हिमपात हुआ, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। जोशीमठ के साथ ही गोपेश्वर, पोखरी, घाट, नंदप्रयाग, पीपलकोटी क्षेत्र में भी बारिश हुई। काश्तकारों ने बारिश को गेहूं की फसल के लिए शुभ संकेत बताया है।
उत्तरकाशी/बड़कोट। शनिवार दोपहर बाद यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत गंगा घाटी में हर्षिल, मुखबा, धराली, सुक्की, यमुनोत्री घाटी में खरसाली, जानकीचट्टी तथा टौंस घाटी में हरकीदून, सांकरी क्षेत्र में बर्फ की चादर बिछ गई है। मुखबा निवासी गंगोत्री मंदिर के पुजारी सुधांशू सेमवाल ने बताया कि क्षेत्र में करीब आधा फिट बर्फबारी हुई। यमुनोत्री के तीर्थ पुरोहित प्यारेलाल उनियाल ने बताया कि बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। शनिवार को जिला मुख्यालय पर अधिकतम तापमान 16 व न्यूनतम 5 डिग्री दर्ज किया गया।
पौड़ी/श्रीनगर/नई टिहरी। पौड़ी, श्रीनगर और नई टिहरी में दोपहर बाद रुक-रुककर बारिश होने से ठंड बढ़ गई है। टिहरी में 1.4 मिमी बारिश रिकार्ड दर्ज की गई। शनिवार को नई टिहरी का अधिकतम तापमान 17 डिग्री और न्यूनतम 8.2 डिग्री रहा।
सेब व फसल के लिए बारिश-बर्फ वरदान
उत्तरकाशी /टिहरी। जानकारों के अनुसार बर्फबारी से सेब की फसल को कुछ फायदा मिल सकता है। बारिश और बर्फबारी से जमीन को नमी मिलने से दावानल को लेकर चिंतित वन विभाग की चिंता भी कुछ हद तक कम हुई है। बड़कोट अस्पताल के डा. अंगद राणा ने बताया कि बीते कुछ दिनों में मौसम गर्म होने से वायरल बुखार एवं खांसी-जुकाम की शिकायतें बढ़ गई थीं। बारिश से इस तरह की बीमारियों से भी कुछ राहत मिलेगी। वहीं टिहरी में कृषि विशेषज्ञ बारिश को गेहूं की फसल के लिए लाभदायक बता रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से काश्तकार मायूस हैं।