रुद्रप्रयाग। पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली के मिश्रित वन से एक वर्ष तक आयोजित शौर्य यात्रा का शुभारंभ किया गया। इस यात्रा के माध्यम से समाज में बेहतर कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा।
पूर्व मंत्री मोहन सिंह गांववासी व किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष भोपाल सिंह चौधरी के नेतृत्व में शौर्य यात्रा का शुभारंभ पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली ने किया। कोट तल्ला में जंगली के मिश्रित वन में आयोजित कार्यक्रम में यात्रा संयोजक व पूर्व मंत्री गांववासी ने कहा कि समाज में अच्छे कार्य कर रहे लोगों को प्रोत्साहित करना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है। यह यात्रा गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में एक वर्ष तक चलेगी। पर्यावरणविद् जंगली ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में शौर्य कीर्ति स्थापित की है। नई पीढ़ी को जंगली से सीख लेने की जरूरत है। किसान मंत्र के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी ने कहा कि समाज में ऐसे कई व्यक्ति हैं, जो अपनी सेवाओं से आमजन के बीच रहकर अलग पहचान बनाते हैं। ऐसे लोगों को इस यात्रा के माध्यम से आगे लाया जाएगा। आज के समय में हिमालय को बचाने की जरूरत है। जलवायु परिवर्तन की मार से बचने के लिए मिश्रित वन महत्वपूर्ण विकल्प हैं, जो जंगली ने तैयार किया है। भूगोल विभाग के मोहन सिंह पंवार ने कहा कि जंगली के जंगल में शोध केंद्र बनाने की आवश्यकता है। इस केंद्र में छात्र-छात्राओं को जंगल में ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। पर्वतीय शोध केंद्र के नोडल अधिकारी अरविंद दरमोड़ा ने कहा कि जंगली ने वन खेती में नई मिसाल कायम की है। हिमालय में वन भूमि की अधिकता है, जबकि नाप भूमि और कृषि खेती काफी कम है। पर्यावरण प्रेमी सतेंद्र भंडारी ने शौर्य यात्रा अभियान को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता के लिए महत्वपूर्ण बताया। इस मौके पर विजय प्रसाद दरमोड़ा, जय प्रकाश जसोला, राकेश नौटियाल, चंद्रप्रकाश चमोली, बल्लभ प्रसाद जसोला, नरेंद्र चैधरी, रमा रावत, माहेश्वरी देवी, नीमा देवी, दर्शनी देवी, मनीष गौड़ सहित कई मौजूद थे।
पत्नी सहित जंगली को किया सम्मानित
शौर्य यात्रा के संयोजक दल ने पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली और उनकी पत्नी शांती देवी को पर्यावरण शौर्य सम्मान से सम्मानित भी किया। इस मौके पर जंगली ने कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए अंतिम सांस तक कार्य करते रहेंगे। उन्होंने युवा पीढ़ी को आगे आने का आह्वान भी किया।