रुद्रप्रयाग। जीआईसी खांकरा, ग्वेफड़, कमसाल सहित 5 विद्यालयों में एलटी व प्रवक्ता पदों की तैनाती की मांग को लेकर 40 गांवों के ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालय में जुलूस - प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए जल्द शिक्षकों की तैनाती नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।
सोमवार को बच्छणस्यूं, धनपुर, भरदार, तल्लानागपुर व अगस्त्यमुनि ब्लाक के अन्य गांवों के ग्रामीण व जनप्रतिनिधि सेवादल के बैनर तले रुद्रप्रयाग में एकत्रित हुए। ग्रामीणों का जोरदार नारेबाजी के साथ जुलूस मुख्य बाजार से केदारनाथ तिराहा तक पहुंचा। यहां से वापसी कर पुराने विकास भवन में धरना देते हुए सभा आयोजित की गई। इस मौके पर प्रदर्शन को समर्थन देते हुए केदारनाथ के विधायक मनोज रावत ने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने व संसाधन उपलब्ध कराने की बात कर रही है। दूसरी तरफ शिक्षकों के अभाव में स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों का भविष्य चौपट हो रहा है। कहा, कि भाजपा शासन में 2011 में जिले में 5 स्कूल उच्चीकृत किए थे, जिनमें आज तक शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है। खांकरा के ग्राम प्रधान प्रदीप मलासी ने कहा कि सरकार की व्यवस्थाएं कागजों से बाहर नहीं निकल पा रही हैं। कहा कि जीआईसी खांकरा सिर्फ 5 शिक्षकों के भरोसे संचालित रहा है। इस मौके पर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष देवेंद्र सिंह झिक्वांण, बंटी जगवाण, पंकज भारती, ग्राम प्रधान शिशुपाल लाल, विक्रम सिंह, ईश्वर बिष्ट, राजेंद्र दुर्गपाल, राय सिंह बिष्ट, देवेंद्र झिक्वांण, अजय झिक्वांण, शशि सेमवाल, दीपा आर्य, सुनीता देवी ने सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार से उच्चीकृत विद्यालयों में सृजित पदों पर शिक्षकों की तैनाती की मंाग की। कहा कि अगर, एक माह में मांगपूर्ति नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे को ज्ञापन भेजा गया।