रुद्रप्रयाग। ऊखीमठ क्षेत्र के एक गांव से वन्य जीवों के अंगों की तस्करी के मामले में दोषी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तीन साल की कैद और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पुलिस के मुताबिक पिछले वर्ष वन विभाग की टीम ने पौंडार गांव में दबिश देकर वन्य जीवों के अंगों की तस्करी के मामले में भरत सिंह और संजय अधिकारी को हिरासत में लिया था। दोनों के पास जीवित उल्लू, कस्तूरी मृग के चार दांत और गुलदार के नौ दांत बरामद किए गए थे। दोनों आरोपियों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया था। सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुलदीप शर्मा की अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी संजय अधिकारी को दोषी पाते हुए तीन साल की कैद और 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है, जबकि फरार आरोपी भरत सिंह के खिलाफ वारंट जारी किया गया है। मामले में सहायक अभियोजन अधिकारी सुदर्शन सिंह चौधरी ने सरकार की तरफ पैरवी की। ब्यूरो