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हे.. केदार तख बटिन भी हम पर अपणी कृपा बणै रख्यां...

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गुप्तकाशी। हे केदार तख बटिन भी हम पर अपणी कृपा बणै रख्यां... क्षेत्र की सुख-समृद्धि तुम्हरा भरोसा च.. जैसे गीतों से शिव भक्तों ने भगवान केदारनाथ की चल विग्रह डोली को फाटा से धाम के लिए विदा किया। सोनप्रयाग होते हुए बाबा केदार की डोली रात्रि प्रवास के लिए गौरीकुंड पहुंची। यहां गौरी माई मंदिर में डोली का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पूरा क्षेत्र बाबा के जयकारों से गूंज उठा।
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शुक्रवार को प्रात: सात बजे फाटा में मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग ने पंचमुखी भोगमूर्ति की पूजा-अर्चना कर आरती की। इस मौके पर ग्रामीण महिलाओं ने बाबा केदार की जागर गाई और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। केदारघाटी के ग्रामीणों ने आराध्य के दर्शन कर श्रृंगार सामग्री भेंट की। प्रात: नौ बजे 10-जेएकेलाई (10-जम्मू-कश्मीर लाइट इनफेंट्री) की बैंड धुनों के साथ बाबा केदार की चल विग्रह डोली ने अपने धाम के लिए प्रस्थान किया। शेरसी, रामपुर, सीतापुर, सोनप्रयाग में भक्तों ने अपने आराध्य को नया अनाज, मौसमी फल आदि भेंट की। शाम 5 बजे बाबा केदार की डोली गौरी माई मंदिर गौरीकुंड पहुंची। यहां गौरी माई मंदिर में डोली का भव्य स्वागत कर विधि-विधान के साथ मंदिर के पुजारी ने बाबा केदार की पूजा-अर्चना की। केदारनाथ के मुख्य पुजारी ने विशेष पूजा-अर्चना के साथ बाबा केदार की भोगमूर्ति की आरती की। इस मौके पर ग्राम प्रधान राकेश गोस्वामी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के डोली प्रभारी युद्धवीर सिंह पुष्पवाण ने बताया कि शनिवार को डोली पैदल मार्ग से 16 किमी का सफर तय कर प्रात: 8 बजे आराध्य की पूजा-अर्चना और भोग चढ़ावा के बाद चल विग्रह डोली केदारनाथ के लिए प्रस्थान करेगी। रविवार को प्रात: 6.15 बजे बाबा केदार के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद 6 माह तक धाम में भी बाबा की पूजा होगी। इस मौके पर बीकेटीसी के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी, शिव सिंह रावत, नरोत्तम प्रसाद गोस्वामी, कुलानंद गोस्वामी सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व क्षेत्रीय ग्रामीण व अन्य मौजूद थे।
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