अगस्त्यमुनि। ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए एनएच की ओर से अधिग्रहीत की गई भूमि और मुआवजे को लेकर केदारघाटी के प्रभावितों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की तादाद में एनएच कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने तालाबंदी कर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान वार्ता को पहुंचे अपर जिलाधिकारी को भी वापस लौटा दिया। उन्होंने एनएच व प्रशासन पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
ऑल वेदर रोड संघर्ष समिति के बैनर तले कुंड, भीरी, चंद्रापुरी, गबनी गांव, सौड़ी, बेडबगड़, गंगानगर, विजयनगर, अगस्त्यमुनि, सिल्ली, रामपुर और तिलवाड़ा के प्रभावितों ने सिल्ली से लोनिवि निर्माण खंड राजमार्ग के कार्यालय तक जुलूस निकाला। इसके बाद कार्यालय में तालाबंदी कर विभागीय कामकाज बंद कराया। यहां अध्यक्ष रमेश बेंजवाल की अध्यक्षता में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि हाईवे से लगे कस्बों व गांवों के लोगों की 24 मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। जबकि मुआवजा सिर्फ 12 मीटर का ही दिया जा रहा है। मकान व दुकान सहित भूमि के मुआवजे में भी अंतर किया गया है। संयोजक विक्रम कंडारी ने कहा कि जिस तरह से मानक तय किए गए हैं, वे स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से उचित नहीं हैं। इस दौरान वार्ता को पहुंचे अपर जिलाधिकारी तीर्थ पाल सिंह और एनएच के ईई प्रवीन कुमार को प्रभावितों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। उन्होंने नारेबाजी के साथ अधिकारियों को लौटने को मजबूर कर दिया।
एडीएम ने कहा एफआईआर दर्ज कराउंगा
नारेबाजी के दौरान आपत्तिजनक बातों पर एडीएम ने अपमान बताया। कहा कि वे प्रभावितों की बात सुनने के लिए आए हैं। लेकिन वार्ता का मतलब यह नहीं कि वे अपना मान मर्दन होते देखे। उन्होंने तहसीलदार से पूरे प्रदर्शन की वीडियो रिकार्डिंग करने और आपत्तिजनक बातें कहने वालों को चिह्नित कर एफआईआर दर्ज करने की बात भी कही।