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एसआईटी 12 नए शैक्षिक संस्थानों पर दर्ज कराएगी केस

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जसपुर में छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज करती एसआईटी टीम। - फोटो : KASHIPUR
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रुद्रपुर। पहली बार एसआईटी बाहरी राज्यों के एक दर्जन कॉलेजों में एक साथ मुकदमा दर्ज कराएगी। छात्रों के दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के बाद 12 शैक्षिक संस्थानों में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। संस्थानों के नामों की लिस्ट तैयार कर केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। अब तक 15 संस्थानों और 30 बिचौलियों पर एसआईटी मुकदमा दर्ज करा चुकी है। हाल ही में सितारंगज के संजय और संजय सिंह समेत आठ बिचौलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
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वर्ष 2011-12 में एसटी, एससी एवं ओबीसी छात्रों को मनमाने ढंग से छात्रवृत्ति बांटने का खेल शुरू हुआ। आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी की जांच के बाद राज्य के बाहरी कालेजों में करोड़ों का घोटाला सामने आया। ऊधमसिंह नगर के तीन हजार से अधिक छात्रों को बाहरी राज्यों के शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश दिखाकर छात्रवृत्ति बांट दी गई। छात्रों के दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन में 2500 से अधिक छात्रों के नाम फर्जीवाड़ा पकड़ में आया।
एसआईटी ने अभी तक 1500 से अधिक छात्रों के दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया है। इसमें जसपुर, किच्छा, कुंडा और सितारंगज के अधिकांश छात्रों के नाम पर गलत तरीके से छात्रवृत्ति लिए जाने का मामला सामने आया है। एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा ने कहा कि अब तक बाहरी राज्यों के 15 शैक्षिक संस्थानों के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में केस दर्ज किया जा चुका है। इसके साथ ही 30 बिचौलियों को चिन्हित कर केस दर्ज किया गया है। इसमें आठ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने कहा कि एसआईटी जांच में बाहरी राज्यों के एक दर्जन संस्थानों में फिर से घोटाला सामने आया है। जल्द इन संस्थानों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
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इन 30 बिचौलियों पर दर्ज हैं मुकदमे
रुद्रपुर। दिग्विजय सिंह, उदयराज सिंह, धीरेंद्र, राजेंद्र, अंकित अग्रवाल, इरशाद, प्रेम प्रकाश मौर्य, प्रदीप कुमार, महेश कुमार, संजय, संजय सिंह, महिपाल, कमलजीत सिंह, पावेश, सत्येंद्र कुमार, प्रमोद सैनी, चंद्रप्रकाश, जगरूप सिंह, पवन कुमार, तेजपाल सिंह, मनोज कुमार, अनुज कुमार, दिलीप, अंकित, बसंत, प्रिंस राणा, रंजीत, सोनू वाल्मीकि, जगरूप और धर्मेंद्र सैनी।
एसआईटी ने दर्ज किए छात्र-छात्राओं के बयान
जसपुर। छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी की टीम बृहस्पतिवार को जसपुर कोतवाली पहुंची। टीम ने करीब कई छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए। वहीं, पुलिस टीम को करीब तीस छात्र-छात्राओं के नाम पते गलत मिले। वह तस्दीक नहीं हो सके।
बृहस्पतिवार को एसआईटी प्रभारी भीम भास्कर आर्य उनके सहयोगी निरीक्षक नित्यानंद पंत, विपिन शर्मा जसपुर कोतवाली पहुंचे। वहां पर उनके द्वारा बुलाये गए करीब बीस छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए गए। बीबी आर्य ने बताया कि अधिकांश लोगों ने बिचौलियों पर आरोप लगाया है। बताया कि उनके दस्तावेज लेकर उनके विभिन्न ट्रेड में फर्जी दाखिले दिखाए हैं। छात्रवृत्ति को हड़प कर सरकार को चूना लगाया गया है। बताया कि छात्र छात्राओें के सत्यापन के लिए कई वार्डों के सभासद, ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्यों का भी सहयोग लिया गया है। कोतवाल उमेद सिंह दानू ने बताया कि एसआईटी द्वारा दी गई छात्र छात्राओं की सूची में दर्ज करीब तीस लोगों के नाम पते गलत हैं। उनकी तस्दीक नहीं हो पाई है। बताया कि पुलिस कमिर्यों ने प्रत्येक गांव जाकर उनके नाम पते ग्रामीणों से पूछे। लेकिन ग्रामीणों ने इन छात्र-छात्राओं का गांव निवासी न होना बताया है।
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