कार्यदायी संस्था की ओर से छह साल में भी 12 किमी का काम काम पूरा नहीं किया गया है जबकि इस काम से पैदल मार्ग और पेयजल लाइनें टूट गई हैं। उन्होंने जल्द से जल्द बाईपास का निर्माण पूरा कराने की मांग की और एनएच के ईई को ज्ञापन दिया।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर कुंड से सेमी-भैंसारी तक भू-धंसाव जोन है जिससे निजात पाने के लिए कुंड-ल्वारा-गुप्तकाशी बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। मगर ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत निर्माणाधीन कुंड-ल्वारा-गुप्तकाशी बाईपास लोगों के लिए परेशानी का सबब बना है।
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ग्रामीणों का कहना है कि कार्यदायी संस्था की ओर से छह साल में भी 12 किमी का काम काम पूरा नहीं किया गया है जबकि इस काम से पैदल मार्ग और पेयजल लाइनें टूट गई हैं। उन्होंने जल्द से जल्द बाईपास का निर्माण पूरा कराने की मांग की और एनएच के ईई को ज्ञापन दिया।
मानकों के तहत कटिंग पूरी नहीं की गई
वर्ष 2018 में कार्यदायी संस्था आरजीबी कंपनी की ओर से 12 किमी कुंड-ल्वारा-गुप्तकाशी बाईपास का निर्माण शुरू किया गया था लेकिन छह वर्ष बाद भी एक किमी से अधिक कटिंग अधूरी पड़ी है। ग्राम पंचायत फली-पसालत के ग्राम प्रधान हरीश तिवारी, आनंद तिवारी, प्रवीण सेमवाल, मनोज उनियाल का कहना है कि कार्यदायी संस्था की ओर से कई जगहों पर मानकों के तहत कटिंग पूरी नहीं की गई है।
जितना काम किया गया है वहां बाईपास से लगे गांवों के पैदल मार्ग, पेयजल लाइन सहित अन्य परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है। कहा कि पैदल मार्ग टूटने से आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। पानी स्रोतों से भरना पड़ रहा है। इधर, एनएच के ईई निर्भय सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था आरजीबी कंपनी से इस संबंध में जवाब मांगा गया है। साथ ही कंपनी को एक माह में कटान कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।