ऊखीमठ ब्लॉक के ग्राम पंचायत उषाड़ा के ताला के प्रभावित परिवार प्राथमिक विद्यालय व टेंटों में गु?
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जनपद में तुंगनाथ घाटी, कालीमठ घाटी और जखोली ब्लॉक के आपदा से प्रभावित गांवों के 118 परिवार गोशाला, प्राथमिक स्कूल में जीवन यापन कर रहे हैं। बीते एक पखवाड़ के भीतर जिले के दस से अधिक गांवों में बारिश, अतिवृष्टि और बादल फटने की घटना से व्यापक तबाही हुई है, जिससे जनजीवन पटरी से उतर गया है।
9 अगस्त को जखोली ब्लॉक के सिरवाड़ी में बादल फटने से देवी मलबे की भेंट चढ़ गया। यहां निवास करने वाले 25 परिवार बेघर हो चुके हैं। ये परिवार प्रा. विद्यालय और अन्यत्र स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। बुजुर्ग हुकुम सिंह रौथाण, सरोजनी देवी का कहना है कि खून-पसीने से कुछ वर्ष पूर्व दो मंजिला मकान बनाया था, लेकिन आपदा की मार ने बेघर कर दिया है। पूरा परिवार प्राथमिक स्कूल में शरण को मजबूर है। ऊखीमठ ब्लॉक के ग्राम पंचायत उषाड़ा के ताला व पैठाणी के 91 परिवार स्कूल, पंचायत भवन, दुकानों में अपने मवेशियों सहित रह रहे हैं। प्रधान कुंवर सिंह बजवाल के अनुसार परिवारों का विस्थापन ही एकमात्र जरिया रह गया है। उधर, तरसाली गांव में भी शारदानंद सेमवाल का परिवार गोशाला में शरण लिए हुए हैं। तीन दिन पूर्व भूस्खलन से आवासीय मकान और वहां रखा पूरा सामान भी नष्ट हो चुका है। कालीमठ घाटी के कोटमा गांव में मलबे की भेंट चढ़े मकान से एक परिवार अन्यत्र शरण लिए हुए है। जिलाधिकारी वंदना सिंह का कहना है कि ताला व पैठाणी तोक के विस्थापन के लिए प्रधान को भूमि चिह्नित करने को कहा गया है। सिरवाड़ी गांव का भी निरीक्षण किया गया है। जरूरी कार्रवाई जल्द अमल में लाई जाएगी। अतिवृष्टि से जहां भी परिवार प्रभावित हुए हैं, उनकी सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं।
केदारघाटी के आपदा प्रभावित तरसाली गांव में गोशाला में जीवन यापन कर रहा परिवार।- फोटो : RUDRAPRYAG