रुद्रप्रयाग। निर्माणाधीन द्वारपुर-जोरदार मार्ग की कटिंग, पुश्ता निर्माण मानकों के तहत नहीं होने और निर्माण कार्य धीमी गति से होने पर डीएम मंगेश घिल्डियाल ने नाराजगी जताई। डीएम ने मामले में उप जिलाधिकारी को ठेकेदार को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने पेयजल संकट, भूमि कटान का मुआवजा व निकास नाली बनाने की मांग भी की।
मंगलवार को जिलाधिकारी ने 3.8 किमी निर्माणाधीन द्वारपुर-जोरदार मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बसुकेदार तहसील के आधा दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाले मार्ग पर ठेकेदार की ओर से मानकों के तहत कार्य नहीं किया जा रहा है। इस पर डीएम ने विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सड़क निर्माण मानकों के तहत कराने को कहा। साथ ही जखोली के तहसीलदार की ओर से उप जिलाधिकारी कोर्ट से ठेकेदार को धारा-133 सीआरपीसी के तहत नोटिस भेजने के आदेश भी दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भूमि कटान का मुआवजा, सड़क निर्माण से टूटी पेयजल लाइन की मरम्मत और बरसात से पूर्व निकास नाली निर्माण बनाने को भी कहा। इस मौके पर तहसीलदार शालिनी मौर्य, एई मोहित उनियाल, जेई हरेंद्र राणा, मान सिंह, राम प्रसाद, अनसूया प्रसाद, विजय सिंह, संतोष सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।