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तुंगनाथ घाटी के करोखी गांव में 30 वर्ष बाद हो रहा पांडव नृत्य

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ऊखीमठ। तुंगनाथ घाटी के करोखी गांव में 30 वर्ष बाद हो रहे पांडव नृत्य को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह बना हुआ है। इस धार्मिक अनुष्ठान में गांव के प्रवासी परिवार भी शामिल हो रहे हैं।
पांडव नृत्य का बीते 6 नवंबर को भगवान भूतनाथ, चंडिका और क्षेत्रपाल की विशेष पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ हुआ था। वैदिक परंपराओं के साथ पुजारियों द्वारा सभी धार्मिक परंपराओं के तहत होने वाली पूजाएं संपादित की गई। इसके बाद पांच पांडवों सहित अन्य पात्रों का आह्वान किया गया। ग्राम प्रधान महावीर सिंह रावत और क्षेत्र पंचायत सदस्य नंदन सिंह रावत ने बताया कि इससे पूर्व वर्ष 1988 में गांव में पांडव नृत्य का आयोजन हुआ था। अनुष्ठान में ग्राम पंचायत के सभी परिवारों के सगे-संबंधियों, रिश्तेदारों और ध्याणियों को विशेष आमंत्रित किया गया है। बीते चार दिनों में कई प्रवासी परिवार गांव पहुंच चुके हैं। आगामी 19 व 20 नवंबर को दो दिवसीय नंदा मेले का आयोजन भी किया जाएगा।
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इधर, ढोल वादक एवं जागरी मंगल दास ने बताया कि वाण पूजन व प्राण प्रतिष्ठा, गौरा विवाह, वाशुदंता, पैंया डाली, मोरू द्वार आदि लीलाओं में ढोल की 12 विधाओं में पांडव पश्वा नृत्य कर रहे हैं। इस मौके पर सरपंच पुष्कर सिंह बर्त्वाल, महिला मंगल दल अध्यक्ष थापा देवी, जसोदा देवी, बचुली देवी, सतेश्वरी देवी, गजपाल पंवार, ज्ञान सिंह नेगी, गजपाल सिंह आदि मौजूद थे।
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