रुद्रप्रयाग। कृषि विभाग की मृदा परीक्षण लैब खानापूर्ति साबित हो रही है। औचक निरीक्षण पर पहुंचे डीएम को यहां कई अव्यवस्थाएं मिली। मीटर व जनरेटर खराब पड़े थे, तो अन्य उपकरण व रसायन भी धूल फांक रहे हैं। लैब में तैनात कर्मचारियों में एक भी ऐसा नहीं है, जिसने मृदा परीक्षण लिया हो। स्थिति देख डीएम ने विभागीय अधिकारियों को तत्काल मृदा लैब के उपकरणों को ठीक करने और कर्मियों को परीक्षण देने के निर्देश दिए।
कोटेश्वर मार्ग पर स्थित कृषि विभाग की मृदा परीक्षण लैब के औचक निरीक्षण को पहुंचे डीएम मंगेश घिल्डियाल ने यहां फैली अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। यहां रखे गए रसायन के डिब्बे धूल से भरे हुए थे। जबकि पीएच मीटर व जनरेटर खराब हैं। पानी की सप्लाई भी कई दिनों से ठप पड़ी है। यहां तक कि मृदा परीक्षण में उपयोग होने वाले कई जरूरी उपकरण भी खराब मिले। यहां तैनात कर्मियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि लैब में मृदा में कार्बन, पोटाश व पीएच यानी हाइड्रोजन के अनुपात का परीक्षण होता है। जबकि नाइट्रोजन, जिंक आदि का परीक्षण बाहरी प्रयोगशालाओं से कराया जाता है। जो कर्मचारी तैनात भी हैं, उनमें कोई भी प्रशिक्षित नहीं हैं। इस पर डीएम ने मुख्य कृषि अधिकारी पर नाराजगी जताते हुए त्वरित लैब सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम समेकित जलागम प्रबंधन कार्यालय पहुंचे। जहां एक कर्मचारी गायब मिला। साथ ही कार्यालय में संपादित होने वाले कार्यों के रजिस्टर व्यवस्थित नहीं मिले, जिस पर उन्होेंने नाराजगी जताई।