ऊखीमठ। साधन सहकारी समिति मिनी बैंक दैड़ा में कुछ वर्ष पूर्र्व तत्कालीन कर्मियों द्वारा की गई लाखों रुपये की हेराफरी के बाद अब गांवों के काश्तकारों को भेजे जा रहे वसूली नोटिस के विरोध में ग्रामीणों ने तहसील परिसर ऊखीमठ में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने मामले में दोषियों को सजा देने की मांग की है।
सोमवार को तुंगनाथ घाटी के सारी, दैड़ा, हुड्डू, कर्णधार, बरंगाली, दिलमी, रौडू, करोखी, उषाड़ा गांव के काश्तकार तहसील पहुंचे। उन्होंने मिनी बैंक दैड़ा द्वारा उन्हें भेजे गए वसूली नोटिस का जमकर विरोध किया। कहना था कि मिनी बैंक के कर्मियों ने वित्तीय अनियमितता की, जिसकी वसूली बेकसूर ग्रामीणों से की जा रही है। कहा कि उन्होंने मिनी बैंक से जो भी ऋण लिया, उसकी जमा रसीदें उनके पास हैं। पासबुक में भी तिथि व जमा राशि अंकित है, लेकिन उन्हें अधिक ऋण वसूली के नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ जांच कर जल्द सजा दिलाने की मांग करते हुए तहसील में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया। धरने पर बैठने वालों में विक्रम सिंह नेगी, कुंवर सिंह, बंशीधर नौटियाल, जसवीर सिंह, धनश्याम लाल, भगत सिंह, बसंत लाल, नारायण सिंह, भीमराज सिंह, अमर सिंह रावत, भूपाल सिंह, दिनेश लाल, राजेंद्र सिंह व वीरेंद्र सिंह मौजूद थे। इस संबंध में सहकारिता के एडीसीओ यशवंत सिंह बिष्ट ने बताया कि सचिवों की हड़ताल के समाप्त होने पर ही मामले की जांच शुरू हो पाएगी। हरसंभव प्रयास किया जाएगा कि दोषियों को सजा हो। किसी भी ग्रामीण ने अनुचित वसूली नहीं की जाएगी।