रुद्रप्रयाग। श्री108 स्वामी सच्चिदानंद वेद भवन संस्कृत महाविद्यालय में उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार के सहयोग से आयोजित मासिक ज्योतिष शिविर में संस्कृत को प्राइमरी से ही अनिवार्य विषय बनाने पर जोर दिया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष राकेश नौटियाल ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशस्ति पत्र भेंट किए।
महाविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में पालिकाध्यक्ष नौटियाल ने कहा कि संस्कृत ही भारतीय संस्कृति की आत्मा है। इसे जीवंत रखने के लिए सबको प्रयास करने होंगे। उन्होंने प्राथमिक स्तर से संस्कृत को पाठ्यक्रम में शामिल कर अनिवार्य विषय बनाने पर जोर दिया। कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण आने वाले समय में सामाजिक व सांस्कृतिक संरक्षण में मील का पत्थर साबित होंगे। बाल संरक्षण आयोग के सदस्य वाचस्पति सेमवाल ने कहा कि भौतिकवाद के इस दौर में संस्कृत और संस्कृति को बचाने के लिए एकजुट प्रयास की जरूरत है। प्राचार्य डा. सुरेशचरण बहुगुणा ने एक माह के प्रशिक्षण शिविर के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महाविद्यालय संस्कृत की सेवा के लिए समर्पित है। नियमित अध्ययन के अलावा लोगों को संस्कृत से जोड़ने के लिए एक माह का ज्योतिष शिविर संचालित किया गया। आगामी समय में भी शिविर आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर संयोजक सुखदेव सिलोड़ी, डा. राम प्रसाद उपाध्याय, भेषज संघ के अध्यक्ष कपूर सिंह रावत, प्रशिक्षक मुकेश प्रसाद डिमरी, एसएल सुंदरियाल, शोध अधिकारी हरिशर चंद्र गुरुरानी, राधेश्याम, प्रकाश सेमवाल, शशि भूषण बमोला, देवी प्रसाद, प्रवीण सती, जय प्रकाश गौड, स्वामी धर्मानंद आदि मौजूद थे।