रुद्रप्रयाग। जखोली विकासखंड के ग्राम पंचायत दरमोला के उपग्राम तरवाड़ी में आयोजित पांडव नृत्य में पांडवों ने अपने अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य किया गया। पांडव नृत्य के आखिरी दिन समापन पर ग्रामीण सभी देव प्रतीक चिन्हों को स्वीली सेम तक छोड़ने गए। भगवान नारायण द्वारा भक्तों को प्रसाद के रुप में फल वितरित कर सुख समृद्धि का आशीष दिया।
बीते 19 नवंबर से दरमोला भरदार के तरवाड़ी गांव में शुरू हुए पांडव नृत्य के अंतिम दिवस पर ग्रामीणों ने भगवान बद्रीविशाल एवं शंकरनाथ की पूजा अर्चना के बाद भोग लगाया। पुजारी ने पांडवों के अस्त्र-शस्त्रों की भी विशेष पूजा अर्चना की। स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ पांडव पश्वा व स्थानीय लोगों ने नृत्य किया। इससे पूर्व मंगलवार को गैंडा कौथिग का आयोजन किया गया, जिसमें रात्रिभर पांडव पश्वा द्वारा महाभारतकालीन विभिन्न विधाओं का मंचन किया। मापन अवसर पर पुजारी कीर्ति प्रसाद डिमरी, पांडव लीला कमेटी के अध्यक्ष भोपाल सिंह, जसपाल सिंह पंवार, नत्था सिंह पंवार, क्षेपंस गुड्डी देवी, प्रधान किरन रावत, किशन रावत, रविन्द्र रावत, कर्ण रावत, नरेन्द्र पंवार, हुकम सिंह, शूरवीर सिंह, विजय सिंह समेत बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित थे।