रुद्रप्रयाग। दोपहर को तेज धूप के बावजूद सुबह और शाम को हो रही कड़ाके की ठंड होने से आम जनजीवन खासा प्रभावित हो रहा है। सर्दियों के मौसम में बीते एक माह से बारिश नहीं होने और रात को गिर रहे अधिक पाले से शुष्क ठंड का प्रकोप बना हुआ है। स्थिति यह है कि घाटी क्षेत्रों में सुबह 9 बजे तक धुंध और कोहरे के चलते शीतलहर से तापमान 1 से 5 डिग्री के बीच रह रहा है। वहीं, शाम चार बजे के बाद ठंड का असर अधिक हो रहा है।
केदारनाथ में जमी है आधा-तीन फीट बर्फ
मजदूरों के लिए पुनर्निर्माण कार्य करना हुआ मुश्किल
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ पुनर्निर्माण पर मौसम की मार भारी पड़ रही है। यहां दिसंबर दूसरे सप्ताह से लेकर पांच जनवरी तक 6 बार बर्फबारी हो चुकी है। धाम में अब भी अलग-अलग जगहों पर आधा-तीन फीट तक बर्फ जमी हुई है, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में अप्रैल तक 250 मीटर मंदिर मार्ग को चकाचक बनाना जिला प्रशासन और डीडीएमए (लोनिवि) के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
केदारनाथ धाम में बीते दो दिन के बाद शनिवार को मौसम साफ रहा। इस दौरान चटक धूप खिली रही, लेकिन रात को पाला गिरने और पहाड़ियों पर गिरी बर्फ से शीतलहर का प्रकोप चरम पर है। केदारनाथ में जहां रात को तापमान माइनस 6 से 11 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है, वहीं, सुबह 8 बजे तक पारा माइनस में रह रहा है। सुबह 10 बजे बाद ही तेज धूप के चलते दोपहर को मात्र तीन से चार घंटे पारा सामान्य स्थिति में 5 से 8 डिग्री के बीच पहुंच रहा है।
राज्य मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब
रुद्रप्रयाग। राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी जिला प्रशासन से केदारनाथ पुनर्निर्माण में कार्य कर रहे मजदूरों के बारे मेें जवाब मांगा है। सूत्रों के अनुसार आयोग ने पूछा है कि बर्फबारी के बीच पड़ रही कड़ाके की ठंड में केदारनाथ में 200 मजदूरों की व्यवस्था किस तरह से की जा रही है। इधर, मामले में डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि राज्य मानवाधिकार आयोग को केदारनाथ में कार्य कर रहे मजदूरों को उपलब्ध कराई जा रही भोजन, रहने व स्वास्थ्य सहित गर्म कपड़े व हीटर आदि सुविधाओं की जानकारी दी गई है।
चमोली में सूखी ठंड का कहर
गोपेश्वर। जिले में लंबे समय बारिश और बर्फबारी न होने से सूखी ठंड का कहर जारी है। जहां ऊंचाई वाले इलाकों में अभी तक पर्याप्त बर्फबारी नहीं हुई है, वहीं निचले इलाकों में बारिश नहीं हो पाई है। गत वर्ष की अपेक्षा जिले के तापमान में गिरावट आई है। जहां पिछले साल छह जनवरी को तापमान अधिकतम 15 था, वहीं इस बार 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
सड़कों पर जम रहा पाला भी वाहनों की आवाजाही के लिए खतरनाक बना हुआ है। बदरीनाथ हाईवे पर जम रहे पाले में सुबह के समय वाहनों को चलाने में लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी मनोज बिष्ट, संदीप तिवारी का कहना है कि मौसम में हुए बदलाव के चलते जहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं पाले से गेहूं, सरसों की फसल बर्बाद हो रही है।
वर्ष 2017 में 6 जनवरी का तापमान
अधिकतम - 15 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम - 7 डिग्री सेल्सियस
वर्ष 2018 में 6 जनवरी का तापमान
अधिकत- 13 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 5 डिग्री सेल्सियस
जिले में चार डिग्री लुड़का पारा
उत्तरकाशी। जनपद में इस साल तापमान में जबर्दस्त गिरावट के चलते कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बीते साल के मुकाबले जनवरी में ही न्यूनतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। रात को पाला गिरने से शीतलहर का प्रकोप है। वहीं अभी तक बारिश एवं बर्फबारी नहीं होने से जहां खेती बागवानी पर संकट मंडरा रहा है, वहीं आम जन भी सूखी ठंड के चलते स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। कृषि विज्ञान केंद्र विशेषज्ञ डा. पंकज नौटियाल ने बताया कि अभी तक बारिश व बर्फबारी न होने के कारण फसलों को खासा नुकसान पहुंचेगा। बीते साल के मुकाबले इस बार ठंड ज्यादा है।
कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ में दर्ज तापमान के आंकड़े
वर्ष 2017 में अधिकतम न्यूनतम
1 जनवरी- 21.8 11.2
2 जनवरी- 21.2 7.1
3 जनवरी- 20.8 6.7
4 जनवरी- 22.2 8.7
5 जनवरी- 21 7.6
6 जनवरी- 21.2 7.8
वर्ष 2018 में
1 जनवरी- 18.6 3.4
2 जनवरी- 19.4 3
3 जनवरी- 18.8 2.4
4 जनवरी- 19 2.5
5 जनवरी- 19.5 3.1
6 जनवरी- 18.5 2.2
पौड़ी में तापमान माइनस एक डिग्री सेल्सियस
पौड़ी। तापमान में लगातार हो रही गिरावट से मौसम बेहद सर्द है। शाम व सुबह तापमान माइनस एक डिग्री तक पहुंच रहा है। दोपहर में भी धूप के साथ ही ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन बढ़ गई है। पालिका ने शहर में विभिन्न स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है। चिकित्सालय में सर्दी-बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। जिला चिकित्सालय के डा. पंकज शर्मा ने बताया ठंड से बच्चों को सुरक्षित रखने की जरूरत है। इससे बच्चों को नमोनिया होने का खतरा बढ़ जाता है। बारिश न होने से पौड़ी कोरी ठंड की चपेट में है।