अगस्त्यमुनि। केदारघाटी के बनियाड़ी गांव में पांडव नृत्य/लीला व भटवाड़ी सुनार में बगड़वाल नृत्य का पारंपरिक रीति रिवाजों व पूजा अर्चना के साथ शुरू हो गया। पांडव/जीतू बड़वाल नृत्य देखने के लिए भारी संख्या में आसपास के गांवों से लोग पहुंच रहे है।
बुधवार से अगस्त्यमुनि क्षेत्र के बनियाड़ी गांव मेें पारंपरिक रीति रिवाज के साथ पांडव नृत्य/लीला का शुभारंभ हो गया। पांडव लीला समिति के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह रावत ने बताया कि 6 नवंबर में पांडव अपने अस्त्र-शस्त्रों के साथ गंगा स्नान करेंगे। इसके बाद पांडव नृत्य का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा। बताया कि प्रत्येक देर सांय 8 बजे से मध्य रात्रि तक पांडव नृत्य का आयोजन किया जाएगा। चंद्रापुरी के समीप भटवाडी सुनार गांव में भी बग्वाल नृत्य की शुरूआत हो गई। 15 दिनों तक चलने वाले इस नृत्य में बग्वाडल से जुड़ी विभिन्न पारंपरिक गाथाओं का मंचन किया जाएगा। ग्राम प्रधान ममता देवी पंवार के संरक्षण में एक समिति का गठन भी किया गया है। ब्यूरो