केदारनाथ में होने वाले पुनर्निर्माण कार्य पूरे होने के बाद सुरक्षा के साथ सौंदर्य की मिसाल देखने को मिलेगी। वर्ष 2018 में केदार धाम और केदारपुरी भव्य रूप में नजर आएगी। यहां 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और खाने की पर्याप्त व्यवस्था हो रही है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को भी सुरक्षित किया जाएगा।
आपदा के बाद से केदारनाथ में पुनर्निर्माण के कार्य हो रहे हैं। एक तरफ मंदिर और केदारपुरी की सुरक्षा के लिए मंदाकिनी व सरस्वती नदी के किनारों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा दीवारें बनाई गई हैं। मंदिर के दायीं तरफ मंदाकिनी नदी पर 15 से 20 मीटर ऊंची करीब दौ सौ मीटर लंबी एक और सुरक्षा दीवार का निर्माण होना है।
सरस्वती व मंदाकिनी के संगम पर स्नानघाट का निर्माण पूरा हो चुका है। ऊपरी फर्श पर अब स्नानघर बनने हैं। सौंदर्य के लिए यहां पर छतरी भी लगाई जानी हैं। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य कर रही निर्माणदायी संस्था निम द्वारा तीर्थ पुरोहितों के लिए 111 आवास बनाए जा रहे हैं, जिसमें 27 का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
अन्य का चरणबद्ध तरीके से कार्य होना है। मंदिर के रावल और बीकेटीसी कर्मचारियों के लिए भी यहां आवासीय व्यवस्था की जानी है। धाम में राज्य निर्माण निगम द्वारा 29 करोड़, 72 लाख रुपये में काटेज का निर्माण किया जा रहा है। पहले चरण में तीन ब्लाक पूरे हो चुके हैं। दूसरे चरण में इतने ही और ब्लाक बनने हैं।
बनेगा योग धाम
केदारनाथ धाम में मंदिर के निकट ही योग धाम का निर्माण भी होना है। जिदंल ग्रुप इसका निर्माण करेगा। इसके अलावा धाम में घाट का निर्माण भी होना है।
बजट के अभाव में पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं, लेकिन अगले साल तक केदारनाथ में सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। वर्ष 2018 में केदार धाम व केदारपुरी एक नए रूप में नजर आएगी। सरकार का हरसंभव प्रयास है कि आने वाले वर्षों में यहां प्रतिवर्ष 5 से 7 लाख श्रद्धालु पहुंचे और धाम की महिमा विश्व के कोने-कोने तक पहुंचे।
हरीश रावत, मुख्यमंत्री