हिटो केदार अभियान का तीसरा ट्रैकिंग दल रांसी गांव से रांसी-मनणी-विशाली-केदारनाथ-गौरीकुंड के लिए रवाना हुआ। दल में 26 ट्रेकर्स मौजूद हैं, जो आठ अक्टूबर की शाम को केदारनाथ धाम पहुंचेगा।
रांसी गांव के राकेश्वरी मंदिर परिसर में मंगलवार को समारोह के दौरान हुए ग्राम प्रधान रूप सिंह ने कहा कि ट्रैकिंग के क्षेत्र में गांव का इतिहास प्राचीन है।
आजादी से भी पहले से यहां के लोग इस क्षेत्र में काम करते आ रहे हैं। वर्ष 1954 में गांव के पुजारी जनार्दन भट्ट ने बदरीनाथ से केदारनाथ के बीच ट्रैक की खोज की थी, जिसे पुजारी ट्रैक के नाम से भी जाना जाता है। इस मौके पर अभियान के आयोजक व माटा के अध्यक्ष मनोज रावत ने कहा कि ट्रैकिंग साहसिक खेल का हिस्सा होने के साथ रोजगार का भी बेहतरीन जरिया है।
कहा कि केदारनाथ तक नौ अलग-अलग ट्रैकों से ट्रैकिंग का मुख्य उद्देश्य इन प्राचीन ट्रैकों को विकसित करना है। इससे इन पर आने वाले समय में ये केदारनाथ यात्रा के नियमित मार्ग भी बन सके। इसके बाद ग्राम प्रधान ने ट्रैकिंग दल को हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया। गौंडार गांव निवासी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में 26 सदस्यीय दल में पर्वतारोही प्रवीन रांगड़ सहित तीन जवान एसडीआरएफ के भी शामिल हैं। इस अवसर पर माटा (माउंटेनियर्स एंड ट्रैकर्स एसोसिएशन, उत्तराखंड) के संरक्षक कर्नल (सेवानिवृत्त) केएस मल्ल, मानवेंद्र सिंह बत्र्वाल सहित कई गणमान्य मौजूद थे।