अभी तक मंदाकिनी में बहे एसडीएम अजय अरोड़ा का अभी तक कुछ पता नहीं लग पाया है। गुरुवार को उन्हें ढूंढने के लिए उत्तरकाशी से गौरीकुंड तक चौपर से रेकी की गई।
गढ़वाल कमिश्नर, डीआईजी और डीएम रुद्रप्रयाग ने चौपर द्वारा रेकी की। इसके साथ ही पुलिस ने एसडीएम की बॉडी रिकवर करने के लिए जगह-जगह लोगों को घ्ाटना की जानकारी दी।
उन्हें तलाशा
पुलिस और एनडीआरएफ के जवानों बुधवार को भी देर शाम तक नदी किनारे उन्हें तलाशा, लेकिन सफलता नहीं मिली। अल्मोड़ा के एसडीएम अजय अरोड़ा (45) आपदा के बाद से गुप्तकाशी क्षेत्र में तैनात थे। बुधवार को वे चॉपर से केदारनाथ पहुंचे।
केदारनाथ तक पैदल पहुंचे राहत आयुक्त वीवीआरसी पुरुषोत्तम द्वारा विभिन्न विभागों को काम की जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है कि अरोड़ा इसी के सुपरविजन के लिए केदारनाथ गए थे।
अपराह्न करीब 3.20 बजे वे अपने साथियों के साथ केदारनाथ मंदिर से कैंप की तरफ लौट रहे थे। कैंप और मंदिर के बीच में मंदाकिनी नदी को पार करने के लिए तख्ता बांधकर अस्थायी पुल का निर्माण किया गया है।
तेज धारा में गुम हो गए
पुल पार करते हुए अरोड़ा का पांव फिसल गया और वे नदी में जा गिरे। साथ चल रहे लोग हल्ला मचाते हुए मदद के लिए भागे, लेकिन अरोड़ा तेज धारा में बह गए।
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