रुड़की। गैंगस्टर विकास दुबे की फरारी ने यूपी पुलिस और उसके मुखबिरों की जमकर किरकिरी की। कुछ यही हाल है हरिद्वार पुलिस का, जो पिछले 10 से 15 वर्षों से विभिन्न मामलों में फरार चल रहे कई इनामियों को पकड़ नहीं पा रही है।
आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर गैंगस्टर विकास दुबे देशभर में सुर्खियों में आ गया था। वह आसानी से फरार भी हो गया और पुलिस व एसटीएफ को भनक तक नहीं लगी। शुक्रवार को भले ही कथित मुठभेड़ में उसे मार गिराया गया, लेकिन उसे पकड़ नहीं पाने के कारण यूपी पुलिस की खूब किरकिरी हुई। इसी तरह हरिद्वार जिले से फरार चल रहे इनामियों की गिरफ्तारी न होने में मित्र पुलिस की नाकामी भी साफ नजर आती है। पुलिस रिकॉर्ड में 77 ऐसे इनामी हैं, जो विभिन्न मामलों में करीब दस से 15 वर्षों से फरार चल रहे हैं। उन्हें जमीन निगल गई या आसमान खा गया। वे जिंदा भी हैं या नहीं, इसकी कोई जानकारी पुलिस के पास तक नहीं है। पुलिस सिर्फ इतना जानती है कि ये लोग किस मामले में फरार हैं और इन पर इतना इनाम है। ऐसे में यूपी पुलिस की तरह ही हरिद्वार पुलिस भी सवालों के घेरे में है।
फरार अपराधियों की संख्या
कोतवाली नगर- 13
कनखल थाना- 02
ज्वालापुर कोतवाली- 10
सिडकुल थाना- 01
बहादराबाद थाना- 02
पिरान कलियर थाना- 07
रुड़की गंगनहर कोतवाली- 07
सिविल लाइंस कोतवाली- 12
लक्सर कोतवाली- 02
मंगलौर कोतवाली-13
झबरेड़ा थाना-02
बुग्गावाला थाना- 01
भगवानपुर थाना- 05
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इनामी अपराधियों को पकड़ने के लिए समय-समय पर पुलिस अभियान चलाती है। इनके परिवार और परिचितों पर नजर रखी जाती है। कई इनामियों को पुलिस ने पिछले दिनों गिरफ्तार कर जेल भी भेजा है। आगे भी इन्हें जेल भेजने का अभियान जारी रहेगा।
-डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसएसपी, हरिद्वार