रामनगर क्षेत्र में नालों की सफाई के बाद कर्मचारियों ने बाहर निकाला गया मलबा सड़क पर ही छोड़ दिया है। लिहाजा बारिश के पानी में बहकर सारा मलबा फिर से नालों में जाने लगा है। वहीं, दुकानों के सामने मलबे के ढेर लगने से क्षेत्र का व्यापार चौपट हो रहा है। स्थानीय व्यापारियों ने पत्र भेजकर मामले की शिकायत नगर आयुक्त से की है।
रामनगर क्षेत्र के दुकानदार नमन मलिक, जीतू ग्रोवर, गगन आहूजा, दशरथ अरोड़ा, संदीप बत्रा, कश्मीर कपूर आदि का कहना है कि नगर निगम हर साल क्षेत्र में नाला सफाई का काम करवाता है, लेकिन हर बार ही नालों से निकाली गई गंदगी को उठाने के बजाय वहीं सड़क पर छोड़ दिया जाता है। इस बार भी करीब आठ दिन पहले क्षेत्र में नालों की सफाई का काम शुरू हुआ था। सफाई कर्मचारियों ने नाले के मलबे को बाहर निकालकर छोड़ दिया। उस दौरान कर्मचारियों का कहना था कि आज-कल में ही मलबा उठा लिया जाएगा, लेकिन अभी तक मलबा नहीं उठाया गया। व्यापारियों का कहना है कि उनकी दुकानों के सामने पड़े कचरे से व्यापार चौपट होने लगा है। गंदगी के ढेर को देखकर ग्राहक दुकानों पर नहीं आते हैं। उन्होंने मामले में नगर आयुक्त को शिकायत कर समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की है।
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आमतौर पर मलबा सूखने के बाद उठाया जाता है, लेकिन लोगों की परेशानी को देखते हुए कर्मचारियों को तुरंत मलबा उठाने के आदेश दिए गए हैं। जहां इस तरह की समस्या आई है, वहां जवाब तलब किया जाएगा।
-गौरव गोयल, मेयर
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नहीं बदले गए टूटे स्लैब
रामनगर के यादवपुरी और गली नंबर छह में कुछ समय पहले नालों, नालियों की सफाई की गई थी। उस दौरान कर्मचारियों ने नाला साफ करने के लिए स्लैब उठाए थे। कर्मचारियों ने नाला तो साफ कर दिया, लेकिन उन पर स्लैब नहीं रखे। इसके अलावा कुछ जगह स्लैब उठाते हुए टूट गया तो उसे वैसे ही छोड़ दिया गया। अब आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। रात में अंधेरा होने के चलते ये टूटे स्लैब जानलेवा साबित हो सकते हैं। दो दिन पहले एक साइकिल सवार नाले में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।