सालाना उर्स के दौरान व्यवस्थाओं के दावों के बीच शुक्रवार को साबरी जामा मस्जिद में जलभराव की समस्या सामने आई। जुमे की नमाज के समय मस्जिद के दोनों बेसमेंट में पानी भरा रहा। इसके कारण कई नमाजियों को पानी के बीच खड़े होकर नमाज अदा करनी पड़ी। वहीं मस्जिद के ऊपरी हिस्से में भी कई स्थानों से पानी टपकता रहा। इस स्थिति को लेकर नमाजियों और स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है।
उर्स के कारण इन दिनों देशभर से बड़ी संख्या में जायरीन पिरान कलियर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को जुमे की नमाज होने के कारण मस्जिद में हजारों लोगों की भीड़ रही। बताया गया कि हाल की बारिश के बाद मस्जिद के दोनों बेसमेंट में पानी भर गया था जिसे नमाज शुरू होने तक भी पूरी तरह नहीं निकाला जा सका।
नमाजियों का कहना है कि बारिश के मौसम में मस्जिद में हर साल जलभराव की समस्या पैदा होती है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि उर्स जैसे बड़े आयोजन के दौरान जलनिकासी व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों ने बताया कि विधायक हाजी फुरकान अहमद भी मस्जिद और क्षेत्र की जलनिकासी समस्या के समाधान के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और जिलाधिकारी को कई बार पत्र भेज चुके हैं लेकिन अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
दरगाह प्रबंधक विकास अवस्थी ने बताया कि बारिश के दौरान वाटर लेवल बढ़ने से गहरे बेसमेंट में पानी भर जाता है। मस्जिद के अधूरे निर्माण कार्य और ड्रेनेज सिस्टम के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बरसात के बाद निर्माण और जलनिकासी से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था आरडब्ल्यूडी को सौंपी गई है।