कारोबारी की पत्नी के अपहरण मामले में मंगलवार को नया मोड़ गया। जिस महिला के अपहरण होने की बात कही जा रही है, उसकी ओर से रजिस्टर्ड डाक से पुलिस को एक खत मिला है। पत्र में महिला की ओर से लिखा गया है कि उसका अपहरण नहीं हुआ है। वह अपनी मर्जी से गई है। हालांकि पुलिस इस खत को संदिग्ध मान नही है। पुलिस को आशंका है कि खत गुुमराह करने के लिए इरादे से भेजा गया होगा।
एक सप्ताह पहले एक कारोबारी की पत्नी का सरेराह विशाल मेगा मार्ट के समीप से अपहरण हो गया था। महिला अपनी भाभी के साथ बाजार आई थी। महिला की भाभी ने पुलिस को बताया था कि कार सवार ने तमंचे के बल पर अपहरण किया है। घटना के बाद से पुलिस कारोबारी की अपहृत पत्नी की तलाश में जुटी है। इस मामले में आरोपी के रूप में एक होटल के जीएम का नाम भी प्रकाश में आया है। वह भी उसी दिन से लापता है। अपहृता को बरामद करने के लिए पुलिस पर भारी दबाव है। उच्चाधिकारियों और नेता लगातार पुलिस कोतवाली रुड़की को घटना का खुलासा करने के लिए कह रहे हैं।
पुलिस की तीन टीम अलग-अलग शहरों में अपहृत महिला और आरोपी की तलाश कर रही है। हालांकि अब तक कोई सफलता नहीं मिली। मंगलवार को कोतवाली रुड़की को रजिस्टर्ड डाक से एक खत मिला है। खत अपहृत महिला के नाम से भेजा गया है। खत में लिखा है कि उसका अपहरण नहीं हुआ है, वह अपनी मर्जी से गई है। उसकी तलाश न की जाए। समय आने पर वह स्वयं आ जाएगी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल ने बताया कि खत की राइटिंग का मिलान कराया जा रहा है। उनका कहना है कि हो सकता है कि यह खत अपहरणकर्ता ने पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण गुमराह करने के लिए भेजा हो। खत बरेली से आया है। इस खत का पुलिस की पड़ताल पर कोई असर नहंी पड़ा है। पुलिस पूरे जी जान से अपहृत महिला की तलाश कर रही है।