क्षेत्र में चल रहे अवैैैध खनन को रोकने और जंगली जानवरों के द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान का मुआवजा नहीं मिलने से गुस्साये ग्रामीणों ने शुुक्रवार को गैंडीखाता वन चौकी पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी डीएफओ और वन क्षेत्राधिकारी को हटाने की मांग कर रहे थे।
शुक्रवार को काफी संख्या में ग्रामीण गढ़वाल यूथ क्लब के बैनर तले वन चौकी पर पहुंचे। वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि रात में वन विभाग और जिला प्रशासन की मिलीभगत से रवासन नदी से बड़े पैमाने पर अवैैैध खनन किया जा रहा है। रातभर नौरंगाबाद के पास खन सामग्री एकत्र करने के बाद सुबह को नजीबाबाद और अन्य स्थानों पर सप्लाई की जाती है। आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत की गई लेकिन खनन माफिया के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि गैंडीखाता में 20 दिन से जंगली हाथी किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं। वन विभाग के कोई भी कर्मचारी रात को हाथी भगाने के लिए नहीं आता। इस दौरान विनोद पोखरियाल, जितेंद्र सिंह, उमेश सिंह रावत, राजपाल बग्याल, सानू अंसारी, रोशन दीन, हुकम सिंह रावत, शूरवीर सिंह कलूडा, वीरेंद्र पोखरियाल, मुलायम पाल आदि शामिल रहे। प्रशासन की ओर से क्षेत्रीय लेखपाल रमेशचंद ने धरनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से ज्ञापन लिया।