पंचेवली गांव के पास स्थित महाभारतकालीन स्वयंभू पंचलेश्वर महादेव मंदिर एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। बुधवार को मंदिर परिसर में आयोजित बैठक के दौरान प्रबंध समिति के लिए ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों ने मौजूदा समिति को भंग कर नई समिति के गठन की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया।
बताया जाता है कि पंचलेश्वर महादेव मंदिर में काफी समय से मंदिर के पुजारी और प्रबंध समिति के बीच विवाद चल रहा है। मंदिर के पुजारी यति शिवानंद ने समिति के अध्यक्ष समेत कुछ लोगों पर अभद्रता और प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल किया था। दूसरी ओर, प्रबंध समिति ने भी पुजारी के खिलाफ प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई थी।
इसी बीच तीन दिन पहले पुलिस ने पुजारी यति शिवानंद को कथित रूप से अपनी पहचान छिपाकर दूसरे नाम से रहने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना के बाद मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने मौजूदा प्रबंध समिति के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि समिति मंदिर की संपत्ति की उचित देखरेख नहीं कर रही है और विकास कार्य भी लंबे समय से ठप पड़े हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि मंदिर की गरिमा और विकास को ध्यान में रखते हुए वर्तमान समिति को तत्काल भंग कर नई समिति का गठन किया जाना चाहिए। तहसीलदार लक्सर दीवान सिंह राणा ने बताया कि मंदिर के पुजारी को अपनी पहचान छिपाकर रहने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान मंदिर प्रबंध समिति का कार्यकाल पांच वर्ष का है। यदि मंदिर की संपत्ति या मंदिर के संचालन से जुड़ी किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।