मंगलौर/नारसन। क्षेत्र के गांवों में चेकिंग के लिए पहुंची विद्युत विजिलेंस और ऊर्जा निगम की संयुक्त टीम को किसानों के कड़े विरोध के बाद बैरंग लौटना पड़ा। किसानों ने भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बैनर तले गांवों के रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया था और टीम के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों के भारी विरोध और तेवर को देख अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
विजिलेंस और ऊर्जा निगम की टीम मंगलवार को ठसका, नारसन कलां और टिकोला कलां गांव में बिजली चेकिंग अभियान चलाने के लिए पहुंची थी। जैसे ही टीम इन गांवों के करीब पहुंची तो किसानों ने गांवों के सभी मुख्य रास्तों को बंद कर दिया। किसानों ने टीम को गांवों के भीतर घुसने तक नहीं दिया। गांवों के रास्तों पर किसानों की भीड़ इकट्ठा हो गई और उन्होंने ऊर्जा निगम और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
भारी विरोध को देखकर जब टीम ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो भाकियू कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान किसानों और अधिकारियों के बीच काफी देर तक जमकर नोकझोंक और गहमागहमी का माहौल बना रहा। किसानों के आक्रामक तेवर और एकजुटता को देखते हुए अधिकारियों ने समझदारी इसी में समझी कि कार्रवाई को टाल दिया जाए। आखिर में विजिलेंस और ऊर्जा निगम की टीम को बिना कोई कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा। किसानों ने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, इस तरह की कार्रवाई गांवों में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।