ट्रक यूनियन के सदस्य वरुण ट्रांसपोर्ट के वाहन रोकते हुए
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लक्सर ट्रक यूनियन व वरुणा ट्रांसपोर्ट के बीच एक बार फिर ठन गई है। बृहस्पतिवार को लक्सर यूनियन के पदाधिकारियों ने वरुणा ट्रांसपोर्टर पर अनावश्यक रूप से परेशान करने व भुगतान न करने का आरोप लगातेे हुए उसके ट्रक फैक्ट्री के अंदर नहीं जाने दिए। इसके बाद अधिकारियों के आश्वासन पर गाड़ियों को अंदर जाने दिया गया।
लक्सर ट्रक यूनियन के करीब 60 सदस्यों ने बृहस्पतिवार को सुबह करीब आठ बजे जेके फैक्ट्री के सामने पहुंचकर वरुणा ट्रांसपोर्ट की गाड़ियों को फैक्ट्री के बाहर रोक दिया। यूनियन का कहना था कि ट्रांसपोर्टर उनका करीब पचास लाख का भुगतान नहीं कर रहा है।
लक्सर ट्रक यूनियन के सदस्यों का यह भी कहना था कि ट्रांसपोर्टर द्वारा उनकी गाड़ियों को कई-कई दिन तक खाली नहीं कराया जाता है जिससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। इसके चलते सदस्यों ने गाड़ियों को फैक्ट्री के अंदर नहीं जाने दिया। नतीजतन वरुणा ट्रांसपोर्टर के एक अधिकारी ए. यादव ने बाहर आकर ट्रक यूनियन के सदस्यों को जल्द भुगतान दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं गाड़ियों को खाली कराने को लेकर आने वाली दिक्कतों में भी सुधार करने का आश्वासन दिया जिस पर ट्रक यूनियन के सदस्यों ने गाड़ियों को अंदर जाने दिया।
इस दौरान अनिल चौधरी, अरुण कुमार, राजू, देवेंद्र, दिलदार, राजेश सैनी, राधेश्याम, लेखराज आदि मौजूद रहे। वहीं वरुणा ट्रांसपोर्टर के एक अधिकारी अरविंद मित्तल का कहना था कि करोड़ों रुपये के व्यवसाय में 40-50 लाख रुपये का हिसाब-किताब चलता रहा है। ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों को कुछ लोग गुमराह कर रहे हैं।