सिविल लाइंस में गांधी वाटिका में जल संस्थान के स्टोर के बाहर रखे गए कीमती पाइपों को विभाग की दूसरे डिवीजन के चोरी छिपे उठाने पर दिनभर चर्चा रही। फिलहाल अधिकारियों ने इन पाइपों को विभाग की जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करने की बात कहते हुए चर्चाओं काे विराम दे दिया है।
रविवार देर रात एक जेसीबी और ट्राला स्टोर के बाहर पहुंचा। कर्मचारियों ने उसमें पाइप लोड करने शुरू कर दिए। इसी बीच गांधी वाटिका में रह रहे निगम के किसी कर्मचारी ने संदिग्ध गतिविधियां समझते हुए स्टोर कीपर को फोन कर जानकारी दी। इस पर जल संस्थान का एक कर्मी वहां पहुंचा। इस दौरान पता चला कि जल संस्थान की दूसरी डिवीजन गंगा इकाई की ओर से जेसीबी भेजी गई है।
इस पर सहायक अभियंता जुनैद गौड़ से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर पाइप उठाए जा रहे हैं। बहरहाल, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जब रात के समय सामान उठाया जा रहा था तो संबंधित अधिकारी कर्मचारी को पहले से जानकारी होनी चाहिए थी। इस बाबत एई अरुण कुमार का कहना है कि उच्चाधिकारी के आदेश पर सामान उठाया जा रहा था। वहीं अधिशासी अभियंता विपिन चौहान का कहना कि विभागीय जरूरत के लिए पाइप उठवाए गए थे।