उत्तम शुगर मिल लिब्बरहेड़ी ने 24 से 31 दिसंबर तक के सात दिनों का 12.36 करोड़ का गन्ना भुगतान समितियों को भेज दिया है। समितियां अब यह राशि किसानों के खातों में स्थानांतरित करने की तैयारी कर रही हैं।
उत्तम शुगर मिल का पेराई सत्र पांच नवंबर से शुरू हुआ था। तीन नवंबर से क्रय केंद्रों पर गन्ना तौल का कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। मिल प्रबंधन की ओर से सत्र शुरू होने के बाद से लगातार प्रति सप्ताह गन्ना भुगतान किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को सात दिनों का भुगतान समितियों को भेजा गया। शुगर मिल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह लांबा ने बताया कि चालू पेराई सत्र में अब तक 140.40 करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मिल गन्ने की कमी से जूझ रही है। दिसंबर माह में 24 घंटे में मिल को केवल 10 से 12 घंटे की पेराई के लिए ही गन्ना उपलब्ध हो पा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान पेराई सत्र में अब तक 38.62 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी है। पिछले सत्र में इसी अवधि तक 46.78 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी थी। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 8.16 लाख क्विंटल कम गन्ना पेराई हुई है। लांबा ने बताया कि क्षेत्र में अधिकांश किसान अपने खेतों में पॉपुलर की खेती कर रहे हैं जिससे गन्ने की पैदावार प्रभावित हो रही है। साथ ही गन्ने में बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ रहा है।
शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल सिंह ने किसानों से अपील की कि वे को-0238 प्रजाति के गन्ने की बुआई न करें क्योंकि यह प्रजाति गंभीर बीमारी लाल सड़न रोग से ग्रसित है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जिस तरह से प्रति सप्ताह गन्ना भुगतान किया जा रहा है, आगे भी उसी तरह नियमित भुगतान किया जाता रहेगा। उन्होंने किसानों से गन्ने की आपूर्ति शुगर मिल को ही करने की अपील की और कहा कि किसानों को समय पर गन्ना पर्चियां उपलब्ध कराई जा रही हैं जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।