फसल में अब यूरिया की कमी को कृषि विभाग ने पूरा कर दिया है। 2680 मीट्रिक टन यूरिया बरेली से सहकारी और गन्ना विकास समिति गोदामों में पहुंची है। विदेशों से भी डीएपी की एक रैक गढ़वाल मंडल में सप्लाई हुई है।
गन्ना, सरसों और स्थानीय सब्जियों की जनपद में खेती होती है। खेत में बेहतर उत्पादन और जमीन की उपजाऊ क्षमता को बनाए रखने के लिए डीएपी व यूरिया की आवश्यकता सालभर किसानों को पड़ती है। ऐसे में किसानों को डीएपी के बाद अब यूरिया की काफी आवश्यकता पड़ रही थी।
इसके बाद कृषि विभाग ने डिमांड के मुताबिक 2680 मीट्रिक टन यूरिया को मंगाया। इफको के फील्ड अफसर विनोद जोशी ने बताया कि बरेली से 2680 एमटी यूरिया मंगाई गई थी। इनको सहकारी, लक्सर और लिब्बरहेड़ी गन्ना समिति गोदामों में भिजवा दिया गया है।