नगर पालिका परिषद के मोहल्ला चमारान खालसा का नाम बदलकर ''सैनीपुरा'' रखे जाने के विरोध में दर्जाधारी राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल ने मंगलौर पहुंचकर हंगामा किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और ईओ पर राजनीतिक साजिश रचने का आरोप लगाया। इसके बाद पालिका का घेराव कर धरना शुरू कर दिया। बाद में ईओ ने लिखित में इस आदेश पर रोक लगाने का आश्वासन दिया। जिस पर मामला शांत हो सका।
बीती 23 अप्रैल को मंगलौर नगर पालिका परिषद में बोर्ड की बैठक हुई थी। इसमें मोहल्ला चामरान खालसा का नाम बदलकर सैनीपुरा रखने का निर्णय लिया गया था। जैसे ही यह खबर सार्वजनिक हुई, दलित समाज में आक्रोश फैल गया। समाज के लोगों ने इसे अपनी पहचान और भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया। दलित समाज की नाराजगी को देखते हुए राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल मैदान में उतरे और कहा कि दलितों का उत्पीड़न और उनके इतिहास के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर पालिका को इस गलती को सुधारना होगा।
उन्होंने समर्थकों के साथ नगर पालिका परिसर में धरना दिया और स्पष्ट किया कि जब तक इस फैसले को वापस नहीं लिया जाता, वे नहीं हटेंगे। दिन भर चले हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने राज्यमंत्री और प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए लिखित में आश्वासन दिया कि मोहल्ले का नाम बदलने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाएगी और इसे यथावत रखा जाएगा।
इस अवसर पर श्याम सुंदर, लाखन, आदित्य कर्णवाल, बंटी , लखन बाल्मीकि, सही राम, धनीराम , सीता राम, अर्जुन, मोहित, चिराग, गोविंद, राजन, अभिलाष, श्याम व रजनीश आदि शामिल रहे।