झबरेड़ा पुलिस ने वाहन चोरी की बड़ी घटना का खुलासा करते हुए दो शातिर बाइक चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की 19 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। आरोपी उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देकर उन्हें ठिकाने लगाने का काम करते थे। गिरफ्तार आरोपियों में से एक पर छह और दूसरे पर पांच प्राथमिकी दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार 19 अगस्त को लाठरदेवा शेख गांव से आस मोहम्मद निवासी बिजौली, मंगलौर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। मामले में झबरेड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर दो संदिग्धों को चिह्नित किया।
रविवार को फाजिलपुर चौराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने चोरी की बाइक समेत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कई बाइक चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर कुल 19 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
बरामद वाहनों में झबरेड़ा क्षेत्र से चोरी हुई दो बाइक, हरिद्वार नगर कोतवाली क्षेत्र से एक, रुड़की से एक तथा सहारनपुर के सदर बाजार थाना क्षेत्र से चोरी हुई एक बाइक की पहचान हो चुकी है। अन्य मोटरसाइकिलों के संबंध में संबंधित जिलों की पुलिस से जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के नाम अरमान निवासी तेलीवाला, कोतवाली गंगनहर रुड़की व मोनू निवासी बरशेर सिकंदरपुर, थाना सिरौली, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी शक्ति विहार, कोतवाली गंगनहर रुड़की, हरिद्वार बताएं है। झबरेड़ा कोतवाली प्रभारी ने बताया कि अरमान के खिलाफ विभिन्न थानों में छह मुकदमे और मोनू के खिलाफ पांच मुकदमे पहले से दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पहचान छिपाने के लिए बदलते थे मास्क, कपड़े और हेयर स्टाइल
झबरेड़ा पुलिस की गिरफ्त में आए वाहन चोर गिरोह के बदमाश गिरफ्तारी से बचने और पहचान छिपाने के लिए हर वारदात के बाद अपना हुलिया बदल लेते थे। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बाइक चोरी करने के दौरान अलग-अलग तरह के मास्क पहनते थे और वारदात के बाद अपने कपड़े भी बदल लेते थे। इतना ही नहीं, पुलिस और सीसीटीवी कैमरों की नजरों से बचने के लिए वे समय-समय पर अपना हेयर स्टाइल भी बदलते रहते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी काफी शातिर हैं और तकनीकी जांच को भ्रमित करने के लिए लगातार अपनी पहचान बदलने की कोशिश करते थे। हालांकि 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।