भगवानपुर कस्बे में एक पैथोलॉजी लैब में जांच पड़ताल करते एसडीएम व स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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गली-मुहल्लों में खुल चुके क्लिनिक और पैथोलॉजी संचालक आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि पंजीकरण उत्तर प्रदेश में है, लेकिन पैथोलॉजी बॉर्डर पार उत्तराखंड में संचालित हो रही है। इसका खुलासा तब हुआ जब एसडीएम ने छापा मारा। इस दौरान छह पैथोलॉजी के संचालक तो टीम पहुंचने से पहले ही शटर गिराकर फरार हो गए, जबकि दो में अनियमितता सामने आई है। एसडीएम ने इसकी रिपोर्ट बनाकर डीएम के भेज दी है।
पिछले कुछ दिनों से डीएम सी रविशंकर को शिकायत मिल रही थी कि भगवानपुर में कुछ पैथोलॉजी लैब बिना पंजीकरण के संचालित हो रही हैं। डीएम ने एसडीएम भगवानपुर संतोष कुमार पांडेय को कार्रवाई के आदेश दिए थे। शुक्रवार को एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कस्बे में दस पैथोलॉजी लैब पर छापा मारा। इसमें से छह लैब बंद मिलीं। बताया जा रहा है कि लैब संचालकों को कार्रवाई की सूचना मिली गई थी।
लिहाजा वे शटर गिराकर पहले फरार हो गए। दो पैथोलॉजी में पड़ताल के बाद पता चला कि इनका पंजीकरण यूपी के छुटमलपुर में है, लेकिन संचालन यहां किया जा रहा है। दोनों पैथोलॉजी का रिकॉर्ड तलब किया गया है। वहीं, दो अन्य पैथोलाजी लैब मानकों के अनुरूप संचालित हो रही थीं। एसडीएम संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि दोनों पैथोलॉजी की रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई उन्हीं के स्तर से होगी। टीम डॉ. राजीव कुमार, डॉ. मनोज त्यागी, मोहम्मद हसीम, त्रिभुवन सिंह, सचिन कुमार शामिल थे।